हिंदी कविता : स्त्री हैं तो क्या हुआ? - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 2 अगस्त 2026

हिंदी कविता : स्त्री हैं तो क्या हुआ?

 

Tanuja-goshwami
हम स्त्री हैं तो क्या हुआ?

सपने देखना और पूरा करना,

ये हक तो हमें भी है,

क्यों नहीं समझती दुनिया हमें,

अपने पैरों पर हमें भी खड़ा होना है,

परिवार और गांव का नाम हमें भी ऊंचा करना है,

क्यों लड़कियों को कोख में ही मार देते हो?

जन्म से पहले सपने कुचल देते हो?

हम लड़कियां हैं जनाब,

हमें घर से लेकर देश तक,

संभालने का हौसला है,

स्त्री हूं तो क्या हुआ?

हमें भी अपनी उड़ान भरने दो,

कब तक हमारे पंख काटोगे,

हमें भी ऊंची उड़ान भरने दो,

अपने सपनों को पूरे करने दो।।





तनुजा गोस्वामी

क्लास- 11th

कोठों रामपुर, उत्तराखंड

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