दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्रधानाचार्य डॉ. चंदन कुमार ने इस अवसर पर इस्कॉन के प्रतिनिधियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने अतिथियों को सम्मानित करते हुए इस महत्वपूर्ण पहल के लिए इस्कॉन के प्रति आभार व्यक्त किया तथा विद्यार्थियों के हित में किए गए सहयोग एवं प्रतिबद्धताओं के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान के साथ उनके नैतिक एवं सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम का संचालन प्रो. अंकित द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन करते हुए MoU के प्रमुख प्रावधानों एवं उद्देश्यों को भी उपस्थितजनों के समक्ष स्पष्ट किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. आलोक सिंह, समन्वयक, इस्कॉन, DCE दरभंगा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने इस सहयोग के लिए इस्कॉन के प्रतिनिधियों, महाविद्यालय प्रशासन एवं सभी उपस्थित शिक्षकों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में इस सहयोग को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने की अपेक्षा व्यक्त की। यह समझौता ज्ञापन दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान के साथ चरित्र, नैतिकता, वैज्ञानिक temper एवं मानवीय मूल्यों के समन्वित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
दरभंगा, 29 अगस्त (रजनीश के झा) । दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, दरभंगा एवं इस्कॉन (ISKCON) के बीच विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 29 अगस्त 2026 को समझौता ज्ञापन (MoU) संपन्न हुआ। इस अवसर पर इस्कॉन की ओर से सुंदर गोपाल दास, चेयरमैन, इस्कॉन इंडिया यूथ तथा लक्ष्मण कृपा दास उपस्थित रहे। सुंदर गोपाल दास ने IIT दिल्ली से M.Tech की शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि तकनीकी एवं वैज्ञानिक शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नैतिक आचरण एवं मानवीय मूल्यों का विकास भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान एवं रोजगार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार, नैतिक एवं संवेदनशील नागरिक के रूप में विकसित करना भी होना चाहिए। MoU के माध्यम से विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास, नैतिक एवं मूल्यपरक शिक्षा, जीवन-कौशल तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा देने की दिशा में विभिन्न गतिविधियों के आयोजन एवं सहयोग का मार्ग प्रशस्त होगा। कार्यक्रम के दौरान MoU की प्रमुख शर्तों एवं सहयोग के क्षेत्रों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।

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