सीहोर : भगवान शिव की निंदा करने वाले का पतन अवश्य होता है : पंडित प्रदीप मिश्रा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 6 अगस्त 2026

सीहोर : भगवान शिव की निंदा करने वाले का पतन अवश्य होता है : पंडित प्रदीप मिश्रा

  • सीवन नदी तट से हजारों कांवड़ यात्री पहुंचे धाम, अनेक स्थानों पर स्टाल लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा

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सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम पर जारी पांच दिवसीय ऑनलाइन शिव महापुराण के चौथे दिन अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान शिव की भक्ति और श्रद्धा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि भक्त के भाव शुद्ध होंगे तो भगवान शिव उसके समक्ष अवश्य उपस्थित होंगे। भगवान की भक्ति केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि सच्चे और भावपूर्ण मन से की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की भक्ति करने वाले भक्त के मुख का दर्शन हो जाए तो भी मनुष्य का कल्याण हो सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था और विश्वास बनाए रखने का आह्वान किया।


भगवान शिव की निंदा करने वाले का पतन निश्चित

कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव की निंदा करने वाले व्यक्ति का पतन अवश्य होता है। भगवान शिव के प्रति मन में श्रद्धा और विश्वास होना चाहिए। शिव भक्ति में भाव की प्रधानता है। भक्त के मन में जितना अधिक प्रेम, विश्वास और समर्पण होगा, उतना ही उसका जीवन आध्यात्मिक रूप से मजबूत होगा।


एक गुरु के शिष्य थे दुर्योधन और अर्जुन, विचार अलग-अलग

पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा के दौरान दुर्योधन और अर्जुन का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि दोनों एक ही गुरु के शिष्य थे, लेकिन दोनों की दृष्टि, विचार और भाव अलग-अलग थे। उन्होंने कहा कि एक ही शिक्षा और एक ही वातावरण प्राप्त करने के बावजूद मनुष्य अपने संस्कारों और विचारों के अनुसार जीवन की दिशा तय करता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि मनुष्य को अपने विचारों और भावों को सकारात्मक रखना चाहिए। अच्छे विचार ही अच्छे कर्मों की ओर ले जाते हैं और अच्छे कर्मों से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।


कांवड़ यात्रियों से तीर्थ पथ बना सीहोर से कुबेरेश्वरधाम का मार्ग

गुरुवार को भी बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री शहर के सीवन नदी तट पर पहुंचे और पवित्र जल लेकर भगवान शिव के जयकारों के साथ कुबेरेश्वरधाम की ओर रवाना हुए। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव और शिवभक्ति के जयघोष सुनाई देते रहे। पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपने संदेश में कहा कि कांवड़ यात्रियों के कारण सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक का मार्ग तीर्थ पथ में बदल गया है। उन्होंने बताया कि मार्ग में अनेक स्थानों पर क्षेत्रवासियों और सामाजिक संगठनों द्वारा सेवा स्टॉल लगाए गए हैं, जहां कांवड़ यात्रियों का स्वागत कर उन्हें विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।


25 अगस्त को निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा

विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि  आगामी 25 अगस्त को सुबह 9 बजे शहर के सीवन नदी तट से भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। कांवड़ यात्रा करीब 11 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए कुबेरेश्वरधाम पहुंचेगी, जहां भगवान शिव का विशेष अभिषेक किया जाएगा। कांवड़ यात्रा को लेकर शिवभक्तों में अभी से उत्साह दिखाई दे रहा है। सीवन नदी तट पर लगातार देश और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है।


गणेश विवाह की सजी मनोहारी झांकी

ऑनलाइन शिव महापुराण के चौथे दिन भगवान गणेश के विवाह प्रसंग का वर्णन किया गया। इस अवसर पर कथा स्थल पर भगवान गणेश के विवाह की मनोहारी झांकी भी सजाई गई। झांकी के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आया। कथा के दौरान भगवान गणेश के विवाह प्रसंग से जुड़े धार्मिक महत्व और भगवान शिव के परिवार की महिमा का वर्णन किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से कथा का श्रवण किया और भगवान गणेश की झांकी के दर्शन कर धर्मलाभ लिया।

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