समस्तीपुर : किसानी को घाटे का धंधा बताते हुए किसान महासभा का प्रदर्शन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 3 अगस्त 2026

समस्तीपुर : किसानी को घाटे का धंधा बताते हुए किसान महासभा का प्रदर्शन

  • मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

Kisan-protest-samastipur
ताजपुर/समस्तीपुर, 3 अगस्त । अखिल भारतीय किसान महासभा के ताजपुर प्रखंड सम्मेलन के उपरांत मोतीपुर में किसानों ने जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि बढ़ती लागत और घटते मुनाफे के कारण खेती आज घाटे का धंधा बन गई है, जिससे किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। जुलूस का नेतृत्व किसान महासभा के समस्तीपुर जिला अध्यक्ष महावीर पोद्दार, ताजपुर प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, सचिव ललन दास, उपाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, सह सचिव संजीव राय, कोषाध्यक्ष राजदेव प्रसाद सिंह तथा भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने किया।प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कृषि क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।

 

सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। बिजली, सिंचाई, खाद, बीज और कृषि यंत्रों की बढ़ती कीमतों ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है। उन्होंने सरकार से किसानों को पर्याप्त बिजली और पानी उपलब्ध कराने, खाद-बीज की सुलभ व्यवस्था सुनिश्चित करने, कृषि यंत्रों पर अनुदान बढ़ाने, किसानों का कृषि ऋण माफ करने तथा सब्जी उत्पादकों के लिए कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कर्ज लेकर किसान फसल एवं सब्जी लगाते हैं। ये कड़ी धूप में झुलस जाते हैं या वर्षा में बर्बाद हो जाते हैं। यदि किसी तरह फसल या सब्जी तैयार हो गया तो कोई खरीदने वाला नहीं। उन्होंने मोतीपुर सब्जी मंडी का दौरा का चर्चा करते हुए कहा कि आज किसी भी सब्जी का लागत कम से कम 10 रूपये किलो पड़ता है लेकिन किसानों को मंडी में 3 रूपये नेनुआ, 10 रूपये करैला, 10 रूपये कद्दू, 5 रुपये मूली आदि बेचना पड़ता है। नेताओं ने कहा कि यदि किसानों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई तो किसान महासभा आंदोलन को और तेज करेगी तथा व्यापक जनसंघर्ष छेड़ा जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण मौजूद थे।

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