- सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक 11 किलोमीटर की आस्था यात्रा, रविवार को हजारों श्रद्धालु पहुंचे धाम
- भोपाल से 45 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे कांवड़ यात्री
भोपाल से 45 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे कांवड़ यात्री
रविवार को कांवड़ यात्रा में शामिल होने के लिए भोपाल सहित आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचे। कई कांवड़ यात्रियों ने करीब 45 किलोमीटर पैदल यात्रा करते हुए कुबेरेश्वरधाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। श्रद्धालु बारिश की बौछारों के बीच श्री शिवाय नमस्तुभ्यं और हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। मौसम की परवाह किए बिना शिवभक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
17 और 25 अगस्त को भी निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा
आयोजन के तहत आगामी 17 अगस्त और 25 अगस्त को भी सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक भव्य कांवड़ यात्राएं निकाली जाएंगी। इन यात्राओं में मध्यप्रदेश के साथ देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। सावन मास में लगातार कांवड़ यात्राओं के चलते सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक का मार्ग आस्था और सेवा का केंद्र बना हुआ है।
बारिश की बौछारों के बीच भक्ति का उत्साह
रविवार को बारिश की बौछारों के बीच भी कांवड़ यात्रियों का उत्साह कम नहीं हुआ। श्रद्धालु भक्ति में मग्न होकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए धाम की ओर बढ़ते रहे। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सावन मास के चलते भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। कांवड़ यात्रियों की सेवा के लिए विभिन्न स्थानों पर सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा सेवा पंडाल लगाए गए हैं। विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य सेवादारों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और भोजन प्रसादी का वितरण किया।
25 अगस्त की कांवड़ यात्रा में शामिल होंगे पंडित प्रदीप मिश्रा
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि आगामी 25 अगस्त को एक बार फिर भव्य कांवड़ यात्रा सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम तक निकाली जाएगी। उन्होंने बताया कि इस कांवड़ यात्रा में अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा स्वयं पैदल चलकर कुबेरेश्वरधाम पहुंचेंगे और बाबा की विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। यात्रा में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 25 अगस्त की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में अभी से उत्साह है और यात्रा मार्ग पर सेवा कार्यों की तैयारियां भी की जा रही हैं। सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक निकलने वाली कांवड़ यात्रा सावन मास में आस्था, विश्वास, सेवा और शिवभक्ति का बड़ा संगम बनेगी।

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