मधुबनी : डीएम ने की भूमि की आवश्यकता एवं उपलब्धता की समीक्षा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 31 अगस्त 2026

मधुबनी : डीएम ने की भूमि की आवश्यकता एवं उपलब्धता की समीक्षा

  • भूमि संबंधी मामलों में अंतर्विभागीय समन्वय एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जिलाधिकारी का जोर

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मधुबनी, 31 अगस्त (रजनीश के झा)) । जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभाकक्ष में सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों एवं भूमि सुधार उप समाहर्ताओं के साथ मधुबनी फर्स्ट पोर्टल पर दर्ज भूमि की आवश्यकता संबंधी प्रविष्टियों की विस्तृत एवं विभागवार समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा जिले में आधारभूत संरचनाओं के निर्माण, विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण हेतु आवश्यक भूमि की स्थिति की अंचलवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने प्रत्येक विभाग से आवश्यक भूमि के भू-खंडों की संख्या, अपेक्षित रकबा, आयाम, वर्तमान स्थिति तथा भूमि उपलब्धता की प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि विभिन्न विभागों द्वारा आधारभूत संरचना के लिए प्रस्तावित भूमि की आवश्यकता के आलोक में भूमि का चिह्नीकरण, सत्यापन, अभिलेखीय जांच एवं अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) निर्गत करने की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण की जाए, ताकि भूमि उपलब्धता के अभाव में विकासात्मक एवं निर्माण कार्य बाधित न हों।


सभी अंचल अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि संबंधित विभागों से प्राप्त भूमि की मांग पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए उपयुक्त सरकारी भूमि का चिह्नीकरण एवं NOC निर्गमन सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि संबंधी मामलों में किसी एक विभाग की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधित विभाग, अंचल कार्यालय एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों के बीच प्रभावी अंतर्विभागीय समन्वय आवश्यक है। बैठक में ICDS अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों तथा स्वास्थ्य संस्थानों के लिए आवश्यक भूमि पर विशेष रूप से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, ICDS, सिविल सर्जन एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभाग के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं कार्यरत कर्मियों के माध्यम से आवश्यक भूमि की पहचान एवं प्रस्ताव तैयार कर संबंधित अंचल अधिकारियों को उपलब्ध कराएं तथा NOC की प्रक्रिया का अनुश्रवण करें। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत विभिन्न प्रखंडों में स्वास्थ्य केंद्रों के लिए आवश्यक भूमि तथा शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में विद्यालयों के लिए अपेक्षित भूमि की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि वे प्रखंड स्तर से प्राप्त भूमि संबंधी प्रस्तावों का समेकित अनुश्रवण करते हुए अंचल स्तर पर लंबित मामलों के निष्पादन हेतु आवश्यक समन्वय स्थापित करें।


बैठक में सीमावर्ती प्रखंडों में चेक पोस्ट के निर्माण हेतु भूमि की आवश्यकता मद्यनिषेध अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत की गई। वहीं जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा विभिन्न अनुमंडलों एवं प्रखंडों में सीएमआर गोदामों के निर्माण हेतु भूमि की आवश्यकता से अवगत कराया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को भूमि चिह्नीकरण एवं उपलब्धता की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी एवं संबंधित अंचल अधिकारियों को लंबित भू-अर्जन मामलों का नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने तथा आवश्यक समन्वय के साथ प्रगति में तेजी लाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने विभाग के क्षेत्राधिकार में आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास हेतु भूमि की आवश्यकता का पूर्वानुमान कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि भूमि उपलब्धता से संबंधित प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब को स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्य में शिथिलता अथवा लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने अनुमंडल अंतर्गत भूमि संबंधी मामलों की नियमित समीक्षा एवं अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया, ताकि विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए निर्माण कार्यों को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जा सके। बैठक में अपर समाहर्ता श्री मुकेश रंजन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, नगर आयुक्त, भूमि सुधार उप समाहर्ता फुलपरास एवं जयनगर, अनुमंडल पदाधिकारी, सिविल सर्जन, सभी अंचल अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं संबंधित कर्मी उपस्थित थे।

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