मधुबनी : महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा को लेकर जेंडर फोरम की बैठक - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 31 अगस्त 2026

मधुबनी : महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा को लेकर जेंडर फोरम की बैठक

  • “जेंडर समानता को मजबूत करने में पंचायत प्रतिनिधि निभा सकते हैं निर्णायक भूमिका
  • “महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं, समय पर मिले सहायता

Gender-forum-madhubani
मधुबनी, 31 अगस्त (रजनीश के झा) । राजनगर प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रघुनीदेहट स्थित पंचायत भवन में पंचायत स्तरीय जेंडर फोरम की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य पंचायत स्तर पर महिलाओं एवं बालिकाओं से जुड़े जेंडर आधारित मुद्दों की पहचान, उनके समाधान तथा महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकार, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना रहा। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों, जीविका एवं संबंधित विभागों/संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन (DHEW), मधुबनी की टीम ने सहभागिता की। इस दौरान बाल विवाह, घरेलू हिंसा, बालिका शिक्षा, महिला सुरक्षा, लैंगिक भेदभाव एवं जेंडर समानता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।


पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण

बैठक को संबोधित करते हुए श्री अंजनी कुमार झा, जिला मिशन समन्वयक, DHEW, मधुबनी ने कहा कि पंचायत स्तरीय जेंडर फोरम महिलाओं एवं बालिकाओं से संबंधित समस्याओं को स्थानीय स्तर पर पहचानने और उनके समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण मंच है। पंचायत प्रतिनिधि समाज के सबसे निकट रहने वाले जनप्रतिनिधि हैं, इसलिए महिलाओं एवं बालिकाओं की समस्याओं को समझने तथा उन्हें उनके अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि बाल विवाह, घरेलू हिंसा, लैंगिक भेदभाव एवं महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार की हिंसा की रोकथाम के लिए पंचायत स्तर पर निरंतर जागरूकता एवं सामूहिक प्रयास सुनिश्चित किया जाए। जरूरतमंद महिलाओं एवं बालिकाओं को समय पर उचित सहायता सेवाओं से जोड़ने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही गई।


जेंडर आधारित हिंसा एवं महिला अधिकारों पर दी जानकारी

इस अवसर पर श्री शिवराम मेहरा, लैंगिक विशेषज्ञ (Gender Specialist), DHEW, मधुबनी ने जेंडर समानता एवं जेंडर आधारित हिंसा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह की रोकथाम, बालिका शिक्षा, घरेलू हिंसा, महिलाओं के अधिकार, महिला सुरक्षा, लैंगिक भेदभाव एवं जेंडर आधारित हिंसा जैसे विषयों पर चर्चा करते हुए पंचायत प्रतिनिधियों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं से संबंधित किसी भी समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। पीड़ित महिला या बालिका को समय पर उचित सहायता उपलब्ध कराने तथा संबंधित सेवा एवं विभाग से जोड़ना आवश्यक है।


हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी

बैठक में महिलाओं, बालिकाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी उपस्थित लोगों को दी गई। बताया गया कि हिंसा, उत्पीड़न अथवा किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होने पर महिला हेल्पलाइन 181 पर संपर्क किया जा सकता है। इस दौरान प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई—

181 — महिला हेल्पलाइन

1091 — महिला पुलिस हेल्पलाइन

1098 — चाइल्ड हेल्पलाइन

112 — आपातकालीन सहायता सेवा

1930 — साइबर अपराध हेल्पलाइन

पंचायत प्रतिनिधियों से इन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी गांव-गांव एवं समुदाय स्तर तक पहुंचाने की अपील की गई, ताकि जरूरत पड़ने पर महिलाएं, बालिकाएं एवं बच्चे तत्काल सहायता प्राप्त कर सकें।


बाल विवाह की रोकथाम एवं बालिका शिक्षा पर विशेष जोर

बैठक में बाल विवाह की रोकथाम को लेकर विशेष चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों से कहा गया कि क्षेत्र में बाल विवाह की संभावित घटना की जानकारी मिलने पर समय रहते संबंधित विभाग एवं पदाधिकारी को सूचित करें। साथ ही समुदाय के बीच बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया। घरेलू हिंसा एवं महिलाओं के साथ होने वाली अन्य प्रकार की हिंसा की पहचान और रोकथाम के उपायों पर भी चर्चा हुई। महिलाओं को उनके अधिकारों, सहायता सेवाओं एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देने तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने की आवश्यकता बताई गई। बैठक में बालिका शिक्षा को महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए प्रत्येक बालिका को शिक्षा का समान अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। पंचायत स्तर पर बालिकाओं की शिक्षा में आने वाली बाधाओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करने की बात कही गई।


जेंडर समानता पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी

बैठक में कहा गया कि जेंडर समानता केवल महिलाओं का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। पंचायत प्रतिनिधि समुदाय को साथ लेकर तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर महिला एवं बालिका सुरक्षा, शिक्षा एवं सशक्तिकरण को और मजबूत कर सकते हैं। जेंडर फोरम के माध्यम से पंचायत स्तर पर महिलाओं एवं बालिकाओं से जुड़े मुद्दों की नियमित समीक्षा, समस्याओं की पहचान तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों एवं सदस्यों से बाल विवाह, घरेलू हिंसा, लैंगिक भेदभाव एवं महिला हिंसा के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा महिलाओं एवं बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा एवं अधिकारों के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। कार्यक्रम में C3 की सुमन कुमारी, महिला पर्यवेक्षक सुषमा कुमारी सहित बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे।

कोई टिप्पणी नहीं: