मोदी ने पुतिन से युद्ध को खत्म करने की ओर बढ़ने का आग्रह किया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 31 अगस्त 2026

मोदी ने पुतिन से युद्ध को खत्म करने की ओर बढ़ने का आग्रह किया

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को रूस-यूक्रेन संघर्ष को तुरंत खत्म करने की अपील करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि वह ‘‘अंतहीन युद्ध को समाप्त करने’’ की ओर बढ़ें तथा इस संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान मानवता की साझा प्राथमिकता है। किर्गिस्तान की राजधानी में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन के साथ हुई बैठक में मोदी ने कहा कि युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे ले जाता है और (महात्मा) गांधी एवं (गौतम) बुद्ध की धरती भारत शांति की दिशा में किये जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है तथा आगे भी करता रहेगा। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा और उर्वरक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में जारी सहयोग पर भी विस्तार से चर्चा की। मोदी ने बैठक में कहा, ‘‘हम यूक्रेन के मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं। जब हम पहले मिले थे, तो आपने मुझे इस मामले के सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी। जैसा कि आप जानते हैं, भारत शांति की दिशा में किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है और आगे भी करता रहेगा।’’


उन्होंने कहा, ‘‘युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम मानवता में नयी उम्मीद और उत्साह भरता है। हमें अंतहीन युद्ध से हटकर युद्ध को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह मानवता की भलाई के लिए बहुत जरूरी है। सभी मुद्दों का जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान ही मानवता की पुकार है और यही भारत का संदेश है। गांधी और बुद्ध की धरती का एक ही संदेश है -- शांति का रास्ता।’’ यह वार्ता पुतिन के सालाना ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आने से एक हफ्ते से भी कुछ समय पहले हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन द्वारा पिछले साल की गई नयी दिल्ली की यात्रा का भी जिक्र किया। मोदी ने कहा, ‘‘पिछले साल आपकी भारत यात्रा बहुत सफल और वाकई यादगार रही। हमारे लिए यह बहुत संतोष की बात है कि हमारा सहयोग नयी ऊंचाइयां छू रहा है और हम दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय हित को सबसे ऊपर रखना हमारा साझा दृष्टिकोण रहा है और भविष्य में भी यही हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत बना रहेगा।’’ पुतिन ने कहा कि विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी के आधार पर रूस-भारत संबंधों में गति आई है।

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