- ₹7.6 करोड़ का PAT, पिछले साल के मुकाबले ₹49.5 करोड़ का सकारात्मक सुधार
मुख्य वित्तीय आँकड़े
वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही बनाम वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही
Platform GMV ZIP EMI GMV Total
Income Contribution Profit EBITDA PAT
Q1 FY27 ₹58,700 Cr ₹736.7 Cr ₹289.2 Cr ₹128.6 Cr ₹15.8 Cr ₹7.6 Cr
Q1 FY26 ₹39,200 Cr ₹693.1 Cr ₹281.6 Cr ₹77.4 Cr ₹(31.2) Cr ₹(41.9) Cr
Growth 50% 6% 3% 66% ₹47 Cr Swing ₹49.5 Cr Swing
मुनाफे के साथ बढ़त का सिलसिला जारी
वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में भी मोबीक्विक ने मुनाफे की अपनी रफ्तार बनाए रखी। कॉन्ट्रिब्यूशन प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 66% बढ़ा, जो खर्चों पर बेहतर कंट्रोल और पेमेंट्स बिज़नेस व फाइनेंशियल सर्विसेज बिज़नेस से हुई अच्छी कमाई को दिखाता है। प्लेटफ़ॉर्म GMV अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुँच गया। वहीं, फाइनेंशियल सर्विसेज बिज़नेस में कमाई बढ़ने के साथ ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन भी काफी मजबूत रहा। नतीजों पर बात करते हुए, मोबीक्विक के सह-संस्थापक, एमडी और सीईओ बिपिन प्रीत सिंह ने कहा, "वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के नतीजे दर्शाते हैं कि मुनाफा अब हमारे बिजनेस मॉडल का मजबूत हिस्सा बन चुका है। लगातार तीसरी तिमाही में मुनाफा दर्ज करने के साथ-साथ हमने कारोबार बढ़ाने के लिए निवेश भी जारी रखा। पेमेंट्स बिज़नेस में हमने लगातार 14वीं तिमाहियों से रिकॉर्ड GMV हासिल किया और बेहतर Unit Economics के साथ सालाना आधार पर 50% की बढ़ोतरी दर्ज की। वहीं, लेंडिंग बिज़नेस में ग्रॉस प्रॉफिट सालाना आधार पर 5.6 गुना बढ़ा, जो मजबूत क्रेडिट क्वालिटीऔर बेहतर पोर्टफोलियो रिकवरी को दर्शाता है। हमारा फोकस पेमेंट्स बिज़नेस में अपनी अग्रणी स्थिति को और मजबूत करने, डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेजइकोसिस्टम का विस्तार करने और ग्राहकों व शेयरधारकों के लिए लंबे समय तक स्थायी मूल्य बनाने पर है।"
30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के प्रमुख नतीजे
समेकित वित्तीय नतीजे
● रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 281.5 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल से 4% ज़्यादा है। वहीं टोटल इनकम 289.2 करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल से 3% बढ़ी।
● डायरेक्ट कॉस्ट में 21% की कमी आई, जो लागत और खर्चों पर लगातार अच्छे कंट्रोल को दिखाता है।
● कॉन्ट्रिब्यूशन प्रॉफिट सालाना आधार पर 66% बढ़कर 128.6 करोड़ रुपए हो गया।
● टोटल इनकम के मुकाबले फिक्स्ड कॉस्ट39% रहे। यह उन क्षेत्रों में किए जा रहे निवेश को दर्शाता है, जहां आगे तेज़ बढ़त की अच्छी संभावना है।
● वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में EBITDA 15.8 करोड़ रुपए रहा। यह मुनाफे वाली तिमाही रही और इसमें सालाना आधार पर 47 करोड़ रुपए का सुधार हुआ।
● वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में PAT 7.6 करोड़ रुपए रहा। यह वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के मुकाबले 49.5 करोड़ रुपए अधिक की बढ़त है।
● पेमेंट्स बिज़नेस कंपनी के मुख्य पेमेंट्स बिज़नेस ने बेहतर यूनिट इकोनॉमिक्स और मजबूत ऑपरेटिंग लेवरेज के दम पर लगातार अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की।
● भारत में लगातार #1 PPI वॉलेट का स्थान बरकरार रखा।
● भारत के UPI इकोसिस्टम में दूसरी सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली UPI ऐप रही। कंपनी के UPI Transactions में पिछले साल के मुकाबले 2.3 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई।
● BBPS इकोसिस्टम में कस्टमर ऑपरेटिंग यूनिट के आधार पर कंपनी छठे स्थान पर रही।
● कंपनी ने ₹58,700 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक तिमाही प्लेटफ़ॉर्म GMV हासिल किया। इसके साथ ही लगातार 14वीं तिमाही में बढ़ोतरी दर्ज की। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में प्लेटफ़ॉर्म GMV में सालाना आधार पर 50% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें UPI के मजबूत प्रदर्शन ने राजस्व देने वाली पेमेंट कैटेगरीज़ को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
● नेट पेमेंट्स मार्जिन 13 bps रहा, जिसे बेहतर पेमेंट वॉल्यूम्स और मर्चेंट मोनेटाइज़ेशन का साथ मिला।
● ग्रॉस मार्जिन 37% रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही के 28% के मुकाबले काफी बेहतर है।
● यूज़र बेस बढ़कर 19.3 करोड़ और मर्चेंट बेस बढ़कर 50.2 लाख हो गया।
● फाइनेंशियल सर्विसेज़ बिज़नेस फाइनेंशियल सर्विसेज़ ग्रॉस प्रॉफिट ₹43.3 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के ₹7.7 करोड़ के मुकाबले 5.6 गुना अधिक है।
● नेट फाइनेंशियल सर्विसेज मार्जिन 5 गुना बढ़कर पिछले साल के 1.1% से इस साल 5.9% हो गया। इसका मुख्य कारण क्रेडिट क्वालिटी में सुधार रहा।
● ZIP EMI GMV ₹736.7 करोड़ रहा, जिसमें सालाना आधार पर 6% की बढ़ोतरी हुई। कुल डिस्बर्सल्स में 32% हिस्सेदारी डिस्ट्रिब्यूशन मॉडल और 68% हिस्सेदारी FLDG मॉडल की रही।
● क्रेडिट रिस्क परफॉर्मेंस में लगभग 25% का सुधार हुआ। वहीं, कुल लोन में 60% हिस्सेदारी दोबारा ऋण लेने वाले ग्राहकों की रही।
इन सभी संकेतों में हुआ सुधार कंपनी के लेंडिंग बिजनेस के मजबूत प्रदर्शन को दिखाता है। मुनाफे में आने के बाद कंपनी अब अपने डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेस के पोर्टफोलियो को समझदारी और टिकाऊ तरीके से तेज़ी से बढ़ाने के लिए अच्छी स्थिति में है।

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