- 10 दिनों में जिम्मेदार अधिकारियों पर हो कार्रवाई, न हुई तो मैं फिर आऊंगा
पीके ने कहा कि वहीं पुलिस का कहना है कि कहीं गोली चली थी और इसी आर्म्स एक्ट में रौशन यादव को गिरफ्तार किया गया। बाद में दो महीने 10 दिन के बाद उसकी कस्टोडियल डेथ हो गई। एसएसपी ने इस पर दो बातें कही हैं। पहली बात, बच्चे की जो डेथ हुई है, उसकी NHRC की गाइडलाइन के हिसाब से जांच डीएम के मातहत होनी है। NHRC को इसकी रिपोर्ट जानी है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भी दो-तीन दिन में आ जाएगी। पीके ने कहा कि पुलिस और प्रशासन का कहना है कि बच्चे ने आत्महत्या की है, लेकिन परिवार का कहना है कि मारपीट की वजह से बच्चे की जान गई है। एक जांच जिला प्रशासन को करनी है, जिसमें NHRC इन्वॉल्व है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आएगी तो उसमें पता चलेगा कि बच्चे ने आत्महत्या की है या मारपीट की वजह से उसकी जान गई है। पीके ने कहा कि उससे बड़ा पहलू यह है कि 27 मई को रहिका थाना की पुलिस ने बच्चे को गिरफ्तार किया था, उसकी सारी जवाबदेही जिला पुलिस की है। एसएसपी ने कहा है कि 10 दिन में यह जांच की जाएगी कि 27 मई को बच्चे को क्यों गिरफ्तार किया गया था। अगर गिरफ्तार किया था तो परिवार को लिखित में सूचना क्यों नहीं दी गई? रहिका थाना में बिना कोर्ट में पेश किए उसे क्यों रखा गया? उसके साथ मारपीट की गई, उसे टॉर्चर किया गया, इन सभी बातों की जांच करके 10 दिनों में इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। पीके ने कहा कि अगर कार्रवाई नहीं होती है तो 10 दिन के बाद मैं एसएसपी से मिलने फिर आऊंगा। अभी एसएसपी ने सबके सामने आश्वस्त किया है कि 25 अगस्त तक जिन अधिकारियों की गलती होगी, उनकी जवाबदेही तय होगी और उन पर कार्रवाई होगी।

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