वहीं कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए विद्यालय की विशिष्ट शिक्षिका सोनी कुमारी ने कहा कि “बच्चों ने ‘जल बचाओ–पृथ्वी बचाओ’ विषय को अपने चित्रों में बहुत सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया। हमारा उद्देश्य बच्चों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए उन्हें पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना है। आज के बच्चे ही कल समाज में जागरूकता के वाहक बनेंगे। इस अवसर पर जिला गंगा समिति ‘नमामि गंगे’ के डीपीओ आनंद अंकित ने कहा कि “जल केवल हमारे जीवन का आधार ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी है। बच्चों में जल संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना बेहद जरूरी है। चित्रकला जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को प्रकृति के संरक्षण से जोड़ना एक प्रभावी पहल है। हमें जल की प्रत्येक बूंद को बचाने और अपने आसपास के जलस्रोतों एवं नदियों को स्वच्छ रखने का संकल्प लेना चाहिए। प्रतियोगिता के पश्चात विद्यार्थियों को नदियों एवं पर्यावरण की स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए स्वच्छता शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में शिक्षक पूनम कुमारी, सिकंदर पासवान, रविन्द्र मंडल, सुभद्रा कुमारी, संध्या कुमारी, ज्योति कुमारी, नैतिक कुमार, अजय कुमार, निक्की कुमारी, आफरीन खातून सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
मधुबनी, 19 अगस्त (रजनीश के झा) । उत्क्रमित मध्य विद्यालय, डामू, बासोपट्टी एवं जिला गंगा समिति ‘नमामि गंगे’, मधुबनी के संयुक्त तत्वावधान में ‘जल बचाओ–पृथ्वी बचाओ’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। साथ ही 'स्वस्थ पर्यावरण - स्वस्थ जीवन' विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए चित्रों के माध्यम से जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रतियोगिता में श्रुति कुमारी ने प्रथम, प्रियंका कुमारी ने द्वितीय तथा नंदनी कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी सफल छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं मेडल देकर पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. एहसान अहमद ने कहा कि विद्यालय बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारियों की भावना विकसित करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। इस तरह की प्रतियोगिताओं से बच्चों की रचनात्मकता के साथ जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी समझ भी मजबूत होती है।

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