सीहोर : 16 अगस्त को निकलेगी शिव पालकी कांवड़ यात्रा, 24 अगस्त को होगी भव्य महाआरती - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 13 अगस्त 2026

सीहोर : 16 अगस्त को निकलेगी शिव पालकी कांवड़ यात्रा, 24 अगस्त को होगी भव्य महाआरती

  • प्राचीन सिद्धपीठ श्री नृसिंह लक्ष्मी मंदिर में तैयारियां शुरू, सावन में शिव आराधना का विशेष महत्व : संत माधवदास महाराज

Shiv-palki
सीहोर। श्रावण मास भगवान शिव की आराधना, भक्ति और आस्था का पावन पर्व है। सावन के सोमवार को विशेष पुण्यफलदायी माना जाता है। इसी धार्मिक भावना को लेकर शहर के कोलीपुरा स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री नृसिंह लक्ष्मी मंदिर में इन दिनों श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना हुआ है। मंदिर में कांवड़ लेकर पहुंच रहे श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संत माधवदास महाराज ने कहा कि सावन का पवित्र महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस माह में सच्चे मन से की गई शिव आराधना से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में शिवलिंग पर जल, गंगाजल और बेलपत्र अर्पित करने की परंपरा है। सावन सोमवार के व्रत और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा का विशेष महत्व है। शिव भक्ति में श्रद्धा और विश्वास सबसे महत्वपूर्ण हैं।


16 अगस्त को निकलेगी शिव पालकी कांवड़ यात्रा

सनातन सेना के प्रदेश सचिव पवन केवट ने बताया कि महामंडलेश्वर रामभूषण महाराज के मार्गदर्शन में आगामी 16 अगस्त को शिव पालकी कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है और आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं। बड़ी संख्या में शिवभक्त इस धार्मिक यात्रा में शामिल होंगे। इसके साथ ही 24 अगस्त की रात्रि को मंदिर परिसर में गंगा आरती की तर्ज पर भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर मंदिर समिति और श्रद्धालुओं द्वारा तैयारियां की जा रही हैं।


सावन में शिव आराधना का विशेष महत्व

संत माधवदास महाराज ने कहा कि सावन के महीने में भगवान शिव का पार्थिव पूजन, शिव सहस्रनाम पाठ, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और बेलपत्र अर्पित करने की विशेष धार्मिक मान्यता है। सावन सोमवार को भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करने से भक्तों को आध्यात्मिक लाभ मिलता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से शिव आराधना के दौरान शिव आरती और शिव चालीसा का पाठ करने तथा भगवान भोलेनाथ को प्रिय वस्तुओं का भोग लगाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पंचामृत से रुद्राभिषेक के साथ गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद और गन्ने का रस आदि श्रद्धापूर्वक भगवान शिव को अर्पित किया जाता है।


पालकी यात्रा के सफल आयोजन पर प्रतिभाओं का सम्मान

गुरुवार को मंदिर परिसर में संत माधवदास महाराज, सुनील राय, सनातन सेना के प्रदेश सचिव पवन केवट, पंडित कुणाल व्यास, दुर्गेश यादव और गणेश यादव सहित अन्य श्रद्धालुओं ने शहर का नाम रोशन करने वाले युवाओं एवं गत दिनों पालकी यात्रा को सफल बनाने में योगदान देने वाले पार्थ कार्तिक गोगिया और यशवर्धन राय का स्वागत एवं सम्मान किया। आगामी शिव पालकी कांवड़ यात्रा और 24 अगस्त की भव्य महाआरती को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। मंदिर परिसर में होने वाले धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

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