- चार बजे शाम को शुरू होगी 11 किलोमीटर की यात्रा, पंडित राघव मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु होंगे शामिल

सीहोर। सावन मास में शहर से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक इन दिनों आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सीवन नदी के तट से जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करने कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं। पूरे मार्ग पर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से वातावरण शिवमय नजर आ रहा है। गुरुवार को इंदौर से कांवड़ियों का एक जत्था सीहोर पहुंचा। श्रद्धालुओं ने सीवन नदी के तट से पवित्र जल भरा और पैदल कुबेरेश्वरधाम के लिए रवाना हुए। इस जत्थे में पांच वर्ष के बच्चे से लेकर करीब 90 वर्ष की उम्र के बुजुर्ग तक शामिल रहे। उम्र की सीमा को पीछे छोड़कर श्रद्धालु पूरे उत्साह और आस्था के साथ कांवड़ यात्रा करते नजर आए। कुबेरेश्वरधाम पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों का विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य सेवाभावी सदस्यों ने स्वागत किया। धाम पर हजारों की संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर समिति की ओर से निशुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई है। कांवड़ मार्ग पर भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सामाजिक संगठनों और सेवाभावी लोगों द्वारा विभिन्न स्थानों पर सेवा पंडाल लगाए जा रहे हैं, जहां कांवड़ यात्रियों को पेयजल, चाय, प्रसादी सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
17 अगस्त को निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा, अनेक झांकिया रहेगी शामिल
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि 17 अगस्त को शाम 4 बजे सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम तक भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा में कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम तक करीब 11 किलोमीटर के मार्ग पर कांवड़ियों का जगह-जगह स्वागत किया जाएगा। सेवा समितियों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न स्थानों पर स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी, पेयजल, चाय और अन्य सेवा व्यवस्थाएं की जाएंगी।
जयकारों से गूंजेगा 11 किलोमीटर का मार्ग
17 अगस्त को निकलने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान सीवन नदी के तट से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक पूरा मार्ग हर-हर महादेव, बम-बम भोले और श्री शिवाय नमस्तुभ्यं के जयघोष से गूंजने की संभावना है। आयोजन को लेकर समिति और सेवाभावी संगठनों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने से सावन के इस धार्मिक आयोजन में आस्था और सेवा का संगम देखने को मिलेगा।
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