सीहोर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर मध्यप्रदेश शिक्षक संघ जिला इकाई सीहोर के बैनर तले शिक्षकों ने केरल के शिक्षक गुरुप्रसाद के निलंबन के विरोध में प्रदर्शन करते हुए उनका निलंबन तत्काल वापस लेने की मांग की। इस संबंध में प्रधानमंत्री, केरल के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन संयुक्त कलेक्टर को सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि केरल के कासरगोड जिले में आयोजित सोशल साइंस फ्रीडम क्विज में स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर से संबंधित प्रश्न पूछे जाने के कारण शिक्षक गुरुप्रसाद के विरुद्ध की गई निलंबन की कार्रवाई अनुचित है। शिक्षक संघ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि विनायक दामोदर सावरकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व्यक्तित्व रहे हैं। उनके संबंध में प्रश्न पूछना न तो अपराध है और न ही किसी विशेष विचारधारा का प्रचार। इतिहास के महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों पर अध्ययन एवं चर्चा शिक्षा का स्वाभाविक हिस्सा है। जिला सचिव सुरेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि यदि प्रश्नावली संबंधित अधिकारियों की स्वीकृति के बाद विद्यालयों में प्रसारित की गई थी, तो किसी कथित त्रुटि के लिए केवल प्रश्न तैयार करने वाले शिक्षक को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत का स्वतंत्रता संग्राम किसी एक राजनीतिक विचारधारा तक सीमित नहीं रहा है। शिक्षक महासंघ ने शिक्षक गुरुप्रसाद का निलंबन तत्काल वापस लेने, उन्हें सम्मानपूर्वक सेवा में बहाल करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही शिक्षकों के लिए भयमुक्त एवं गरिमापूर्ण शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बुधवार, 19 अगस्त 2026
Home
मध्य प्रदेश
सीहोर : प्रश्न पूछना अपराध नहीं ,शिक्षक का निलंबन तत्काल वापस हो , शिक्षक संघ ने विरोध जताते हुए सौंपा ज्ञापन
सीहोर : प्रश्न पूछना अपराध नहीं ,शिक्षक का निलंबन तत्काल वापस हो , शिक्षक संघ ने विरोध जताते हुए सौंपा ज्ञापन
Tags
# मध्य प्रदेश
Share This
About आर्यावर्त डेस्क
मध्य प्रदेश
Labels:
मध्य प्रदेश
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
संपादकीय (खबर/विज्ञप्ति ईमेल : editor@liveaaryaavart या वॉट्सएप : 9899730304 पर भेजें)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें