- जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटना में होगा एक दिवसीय विशेष जांच शिविर का आयोजन
- अब तक 3,165 बच्चों का सफलतापूर्वक निःशुल्क उपचार हो चुका है
बिहार सरकार की बाल हृदय योजना के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के उन बच्चों को लाभ प्रदान किया जाता है, जो जन्मजात हृदय रोग, विशेषकर हृदय में छेद (Congenital Heart Disease) जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। योजना के तहत बच्चों की जांच, सर्जरी, उपचार, विशेषज्ञ परामर्श, दवाएं तथा उपचार से संबंधित अन्य आवश्यक सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है कि अब तक 3,165 बच्चों का सफलतापूर्वक निःशुल्क उपचार कराया जा चुका है। इनमें श्री सत्य साई हार्ट हॉस्पिटल, अहमदाबाद में 1,869, आईजीआईसी, पटना में 499, आईजीआईएमएस, पटना में 223 तथा जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटना में 574 बच्चों का सफल उपचार किया गया है। यह उपलब्धि बिहार सरकार की बाल स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के सतत प्रयासों का प्रमाण है। स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने कहा कि बिहार सरकार प्रत्येक बच्चे को स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बाल हृदय योजना ने हजारों बच्चों को नया जीवन और उनके परिवारों को नई उम्मीद दी है। सरकार का लक्ष्य है कि जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित न रहे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्यभर में नियमित रूप से स्क्रीनिंग अभियान एवं विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पहचान की जाती है। विशेषज्ञ चिकित्सकीय जांच के बाद चयनित बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार आईजीआईसी, आईजीआईएमएस, जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटना एवं श्री सत्य साई हार्ट हॉस्पिटल, अहमदाबाद जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में निःशुल्क उपचार के लिए भेजा जाता है।

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