सीहोर : संकल्प वृद्धाश्रम में छह दिवसीय कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का शुभारंभ - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 31 अगस्त 2026

सीहोर : संकल्प वृद्धाश्रम में छह दिवसीय कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का शुभारंभ

  • भजन-कीर्तन और प्रवचन से गूंजेगा आश्रम परिसर, 4 सितंबर को होगा विशेष प्रसादी वितरण

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सीहोर। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर शहर के सैकड़ाखेड़ी स्थित संकल्प वृद्धाश्रम में छह दिवसीय कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर साल की तरह इस वर्ष भी वृद्धाश्रम में जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। महोत्सव के दौरान आश्रम परिसर में प्रतिदिन भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन और भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की जाएगी। आगामी 4 सितंबर को जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष प्रसादी का वितरण भी किया जाएगा।


जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर वृद्धाश्रम परिसर में तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। आश्रम में निवासरत वृद्धजनों के साथ क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं की सहभागिता से आयोजन को धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में मनाने की तैयारी की जा रही है। महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके उपदेशों और मानव जीवन में प्रेम, करुणा, सद्भाव एवं सेवा के महत्व पर भी चर्चा की जाएगी। महोत्सव की तैयारियों के संबंध में संकल्प वृद्धाश्रम एवं संकल्प नशा मुक्ति केन्द्र के संचालक राहुल सिंह ने शहर के कोलीपुरा स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री नृसिंह लक्ष्मी मंदिर के संत माधवदास महाराज तथा सनातन सेना के प्रदेश सचिव पवन केवट सहित अन्य अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। इस दौरान जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर चर्चा की गई और कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता को लेकर विचार-विमर्श किया गया। संचालक राहुल सिंह ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से पूरी मानवता को प्रेम, सद्भाव, कर्म, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। श्रीकृष्ण का जीवन हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी मनुष्य को धैर्य और विश्वास बनाए रखना चाहिए। उनके उपदेश आज भी समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं।


उन्होंने कहा कि आगामी 4 सितंबर को जन्माष्टमी का पर्व है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी संकल्प वृद्धाश्रम में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। छह दिवसीय आयोजन के दौरान वृद्धजनों के साथ श्रद्धालु भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। संकल्प वृद्धाश्रम में आयोजित होने वाले इस महोत्सव का विशेष उद्देश्य वृद्धजनों को धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। आश्रम में निवासरत बुजुर्ग प्रतिदिन भजन-कीर्तन में सहभागिता करते हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम होने से आश्रम में पूरे सप्ताह भक्तिमय वातावरण बना रहेगा। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और प्रवचन सहित विभिन्न धार्मिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जन्माष्टमी के दिन विशेष प्रसादी तैयार कर वृद्धजनों, श्रद्धालुओं और कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को वितरित की जाएगी। शहर एवं आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालुओं से जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि वृद्धजनों के साथ पर्व मनाना स्वयं में सेवा और पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को ऐसे आयोजनों में सहभागिता करनी चाहिए, ताकि बुजुर्गों को अपनत्व और सम्मान का अनुभव हो। इस अवसर पर संत माधवदास महाराज, पवन केवट सहित अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे। कार्यक्रम को लेकर वृद्धाश्रम के पदाधिकारियों, सहयोगियों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं द्वारा तैयारियां की जा रही हैं। छह दिवसीय महोत्सव के दौरान आश्रम परिसर में भक्ति, सेवा और श्रीकृष्ण के प्रेम-संदेश की त्रिवेणी देखने को मिलेगी।

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