सीहोर : रक्षा बंधन महोत्सव वृद्धाश्रम में मनाया गया, खीर पूड़ी का वितरण किया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 29 अगस्त 2026

सीहोर : रक्षा बंधन महोत्सव वृद्धाश्रम में मनाया गया, खीर पूड़ी का वितरण किया

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सीहोर। हर साल की तरह इस साल भी शहर के संकल्प वृद्धाश्रम में रक्षा बंधन का पर्व आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर नशा मुक्ति केन्द्र में करीब 150 से अधिक हितग्राही, स्टाफ और आश्रम में निवासरत करीब दो दर्जन से अधिक बुजुर्गों ने आशीर्वाद दिया। श्रद्धा भक्ति सेवा समिति के संचालक राहुल सिंह के निर्देश पर आयोजित महोत्सव की शुरूआत भजन कीर्तन के साथ की गई। कार्यक्रम के दौरान आश्रम के केयर टेकर आनंद व्यास, बाबू सिंह, रितेश माहेश्वरी ने यहां पर आने वाले समाजसेवी विवेक रुठिया आदि का स्वागत किया। समाजसेवी विवेक रुठिया ने यहां पर निवासरत वृद्धजनों को बिस्कुट के पैकेट आदि का वितरण करते हुए कहाकि बुजुर्गों की सेवा करना ही भगवान की सेवा है।


रक्षा सूत्र भाई के जीवन में विजय और कार्यसिद्धि का मार्ग प्रशस्त करता

इस मौके पर पंडित सुनील पाराशर ने बताया कि विधिपूर्वक बांधा गया रक्षा सूत्र भाई के जीवन में विजय और कार्यसिद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व ही नहीं रक्षा का पर्व है। असुरों के राजा बलि ने अपने बल और पराक्रम से तीनों लोकों पर अधिकार कर लिया था। राजा बलि के इस पराक्रम को देखकर स्वर्ग के राजा इंद्रदेव घबरा गए और भगवान विष्णु के पास मदद मांगने पहुंचे। इंद्र की प्रार्थना स्वीकार कर भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण किया और राजा बलि से भिक्षा मांगने पहुंच गए। वामन भगवान ने दानवीर बलि से तीन पग भूमि मांगी। अपने पहले और दूसरे पग में भगवान ने धरती और आकाश नाप लिया। इसके बाद तीसरा पग रखने के लिए कुछ बचा नहीं तो राजा बलि ने तीसरा पग अपने सिर पर रखने के लिए कहा। भगवान वामन ने ऐसा ही किया। इस तरह देवताओं की दुविधा समाप्त हो गई और भगवान राजा बलि के दान से प्रसन्न हुए।

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