पटना : वित्तरहित और अनुदानित कॉलेजों को मिले अंगीभूत कॉलेज के समान सुविधाएं : राजेश राठौड़ - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

रविवार, 16 अगस्त 2026

पटना : वित्तरहित और अनुदानित कॉलेजों को मिले अंगीभूत कॉलेज के समान सुविधाएं : राजेश राठौड़

  • 534 की जगह 211 में प्रखंड कॉलेज खोल सरकार ने वित्तरहित और अनुदानित कॉलेजों को माना अपना उपक्रम, तो मिले बराबर सुविधाएं

rajesh-rathor-congress-bihar
पटना, 16 अगस्त (रजनीश के झा) । मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा कर 534 प्रखंडों के जगह केवल 211 प्रखंडों में ही डिग्री कॉलेज खोलना  यह स्पष्ट कर रहा है कि सरकार ने शेष 323 प्रखंडों में स्थापित अनुदानित और वित्त रहित कॉलेज को ही अपना सहयोगी उपक्रम मान चुकी है। यदि सरकार उन्हें अपना उपक्रम अघोषित रूप से मान ही रही है तो इन कॉलेज के शिक्षकों और कर्मचारियों को अंगीभूत कॉलेज के बराबर का वेतन और अन्य सुविधाएं क्यों नहीं दी जा रही है? साथ ही विश्वविद्यालय सेवा आयोग के अनुरूप इन शिक्षकों को भी सम्मान स्वरूप उस सूची में क्यों नहीं शामिल कर रही है? ये बातें बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने कही। बिहार कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि जब सरकार ने अघोषित तौर पर यह स्वीकार कर लिया है कि राज्य के कुल 534 प्रखंडों के जगह 211 में ही नए डिग्री कॉलेज की आवश्यकता थी और शेष में पूर्व से वित्तरहित एवं अनुदानित कॉलेज संचालित हैं तो उनके शिक्षकों और कर्मियों को विश्वविद्यालय सेवा आयोग के तहत बहाल किए गए शिक्षकों के अनुरूप ही सुविधाएं और राज्य कर्मचारियों के अनुरूप शिक्षकेत्तर कर्मियों को सेवाएं और सुविधाएं क्यों नहीं दे रही है? क्या राज्य में समान काम के लिए अलग अलग मानक बनाकर अब एनडीए की सरकार काम करेगी?

कोई टिप्पणी नहीं: