- स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने पेशेंट रेफरल सिस्टम एवं टेलीमेडिसिन सेवाओं की समीक्षा की
- 102 एवं 108 एंबुलेंस सेवाओं के एकीकरण, अस्पतालों में बेड की रियल टाइम उपलब्धता तथा रेफरल व्यवस्था को तकनीक आधारित एवं त्वरित बनाने के दिए निर्देश
PMCH, AIIMS, NMCH एवं IGIMS में पायलट प्रोजेक्ट
स्वास्थ्य मंत्री ने PMCH, AIIMS, NMCH एवं IGIMS को पायलट प्रोजेक्ट में शामिल करने का निर्देश दिया। एंबुलेंस में उपलब्ध कियोस्क से सरकारी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता की जानकारी तथा मरीज की वर्तमान लोकेशन संबंधित अस्पताल को उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग में Command Control Centre स्थापित करने, QR Code आधारित बेड मैनेजमेंट एवं बेड की Real Time Entry सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मरीजों के खान-पान से संबंधित जानकारी को Vital में शामिल करने तथा यह जानकारी ANM, आशा एवं जीविका दीदी के माध्यम से प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। आयुष चिकित्सकों द्वारा प्रभावी दवाओं की जानकारी भी संकलित की जाएगी।
104 सेवा एवं टेलीमेडिसिन को किया जाएगा सुदृढ़
स्वास्थ्य मंत्री ने 104 कॉल सेंटर के प्रचार-प्रसार एवं कॉल फॉलो-अप पर जोर देते हुए 104 सेवा को ई-संजीवनी से इंटीग्रेट करने की संभावनाओं का अध्ययन करने का निर्देश दिया।
AI के उपयोग से बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं
बैठक में Artificial Intelligence (AI) के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच एवं कार्यक्षमता बढ़ाने तथा मरीजों के डेटा के प्रभावी उपयोग एवं निर्णय लेने की प्रक्रिया को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने Patient Referral System, Smart Ambulance, Telemedicine एवं AI आधारित तकनीकी व्यवस्थाओं को समन्वित करते हुए ऐसी व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया, जिससे मरीजों को समय पर उचित अस्पताल एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा उपलब्ध हो सके। बैठक में राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक श्री अमित कुमार पांडेय (भा.प्र.से.), MD, BMSICL श्री सुब्रत सेन, IGIMS की टीम सहित स्वास्थ्य विभाग एवं राज्य स्वास्थ्य समिति के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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