सीहोर : “माटी गणेश–हरित गणेश” कार्यशाला में दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 11 सितंबर 2026

सीहोर : “माटी गणेश–हरित गणेश” कार्यशाला में दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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सीहोर। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, चन्द्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सीहोर में ईको क्लब एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में “माटी गणेश–हरित गणेश” कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमा निर्माण, प्राकृतिक रंगों के उपयोग तथा जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के प्रति जागरूक करना था। महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. नितिन बातव ने कहा कि भारतीय संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलना वर्तमान समय की आवश्यकता है। पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमा का निर्माण एवं विसर्जन हमारी आस्था के साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। कार्यक्रम में ईको क्लब प्रभारी श्रीमती मधुरिमा तिवारी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विद्यार्थियों को “ग्रीन गणेश” की अवधारणा से अवगत कराया। उन्होंने मिट्टी की गणेश प्रतिमा, प्राकृतिक रंगों के प्रयोग, बीजयुक्त प्रतिमा तथा पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन की प्रक्रिया को सरल एवं रोचक ढंग से समझाया। साथ ही गणेश जी की प्रतिमा के विभिन्न अंगों में निहित जीवन-मूल्यों से विद्यार्थियों को परिचित कराते हुए पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन से जोड़ने का संदेश दिया।


कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित व्यावहारिक कार्यशाला  विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए मिट्टी से गणेश जी की प्रतिमाओं का निर्माण किया। विशेष रूप से प्रत्येक प्रतिमा में एक-एक बीज स्थापित किया गया, ताकि विसर्जन के पश्चात इन्हें गमले अथवा घर के बगीचे की मिट्टी में विसर्जित कर एक नए पौधे के रूप में विकसित किया जा सके। इस अभिनव गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों ने “एक गणेश प्रतिमा—एक बीज—एक हरित भविष्य” का संदेश दिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन एनएसएस प्रभारी सुश्री सुप्रिया गुप्ता ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न चरणों का सुव्यवस्थित संचालन करते हुए विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की। कार्यक्रम के अंत में डॉ. सुषमा सिसोदिया ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक एवं समस्त महाविद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर उपस्थित सभी ने पर्यावरण-अनुकूल गणेशोत्सव मनाने, प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने तथा जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने की शपथ ली।

कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा—

“माटी से मंगल, बीज से भविष्य — आस्था भी, पर्यावरण की रक्षा भी।”

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