समस्तीपुर : दुर्घटना में मृत्युपरांत 7 दिन में भी यातायात थाना में FIR दर्ज नहीं, होगा आंदोलन : माले - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 8 सितंबर 2026

समस्तीपुर : दुर्घटना में मृत्युपरांत 7 दिन में भी यातायात थाना में FIR दर्ज नहीं, होगा आंदोलन : माले

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समस्तीपुर, 8 सितंबर (संवाददाता) ।  28 अगस्त को रात्रि करीब 8 बजे माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह के चचेरे भाई मोतीपुर (ताजपुर) निवासी मजदूर गनौर सिंह (62) मोतीपुर खैनी गोदाम के पास नेशनल हाईवे पर वाहन की ठोकर से गंभीर रूप से घायल हो गये। लोगों ने गांधी चौक स्थित सहारा नर्सिंग होम में भर्ती कराया जहां रोगी की गंभीर स्थिति को देखते हुए 29 अगस्त को करीब 10 बजे समस्तीपुर के आदर्शनगर स्थित डा० मनोज कुमार के श्री रामचंद्र अस्पताल में रेफर किया गया जहां करीब मर चुके रोगी को  चिकित्सक अपना बकाया वसूली के बाद अपने कंपाउंड के माध्यम से तय राशि से बहुत अधिक पर एंबुलेंस बुलाकर पटना रेफर कर दिया, ताजपुर पहुंचते-पहुंचते घायल की मृत्यु हो गई। मृतक के बेटे राजेश कुमार के तमिलनाडु से लौटने पर  1 सितंबर को ताजपुर थानाध्यक्ष के नाम से FIR के लिए आवेदन दिया गया। ताजपुर थानाध्यक्ष द्वारा यातायात थाना समस्तीपुर को आवेदन भेजा गया। मजदूर परिवार पहले तो ईलाज में लूट चुका है। अब क़र्ज़ लेकर क्रियाक्रम की तैयारी चल रही है। माले नेता ने बीडीओ ताजपुर रवि भूषण को फोन करके कहा कि सहकार द्वारा अंतिम संस्कार के लिए दिया जाने वाला 20 हजार रुपए पारिवारिक लाभ की राशि तत्काल मृतक के परिजन को दिया जाये लेकिन बीडीओ ने एफआईआर की कापी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट लगाकर फ़ार्म भरने को कहा जबकी माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि वे एवं उनकी पार्टी एक्सीडेंट में मृत्यु पर सड़क पर उतरकर करीब सौ से अधिक लोगों को मृत्यु के तत्काल बाद 20 हजार रूपए दिला चुके हैं। उन्होंने आईओ को कहा पोस्टमार्टम रिपोर्ट सदर अस्पताल से रिसीव कर उन्हें एक कापी दे दें लेकिन उन्होंने कहा एफआईआर मिलने के बाद। फिर माले नेता ने यातायात थाना समस्तीपुर पहुंचे लेकिन थानाध्यक्ष नहीं मिले। फिर वे 7 सितंबर को यातायात थाना गये तो खोजने पर आवेदन मिला और आवेदन देने के 7 दिन बाद भी एफआईआर नहीं होना बताकर उन्हें 9 सितंबर को पुनः बुलाया गया। उन्होंने अपनी वेदना प्रकट करते हुए कहा कि आखिर पीड़ित जाएं तो जाएं कहां और करे तो करे क्या? उन्होंने कहा कि एक मात्र विकल्प आंदोलन का रास्ता ही बचा है जो माले 13वीं के बाद शुरू करेगी।

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