पटना : MLC चुनाव की मतदाता सूची पर जन सुराज का सवाल, चुनाव आयोग खुद तैयार करे सूची - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 8 सितंबर 2026

पटना : MLC चुनाव की मतदाता सूची पर जन सुराज का सवाल, चुनाव आयोग खुद तैयार करे सूची

  • पूर्व MLC प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति जन सुराज में शामिल, प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने गमछा पहनाकर दिलाई पार्टी की सदस्यता

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पटना, 08 सितंबर ( रजनीश के झा) । जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने मंगलवार को पाटलिपुत्रा कॉलोनी स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार में प्रस्तावित MLC चुनाव को लेकर मतदाता सूची में हुई कथित विसंगतियों पर सवाल उठाए। वहीं, मौके पर पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व MLC प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने जन सुराज का दामन थाम लिया। मनोज भारती ने गमछा पहनाकर उनका पार्टी में स्वागत किया। इस दौरान मनोज भारती ने मतदाता सूची का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आप सभी जानते हैं कि चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए आने वाले एक-दो महीनों में MLC के चुनाव निर्धारित हैं। इन दोनों ही चुनाव क्षेत्रों में वर्तमान प्रक्रिया के अनुसार उम्मीदवार अपने वोटर्स बनाते हैं। इन चुनावों के लिए 15 नवंबर 2025 की तारीख निर्धारित की गई थी। जो भी लोग इस चुनाव को लड़ना चाहते थे, उन सभी से कहा गया कि वे अपनी मतदाता सूची जमा करें, जो 15 नवंबर 2025 तक आ जानी चाहिए थी। इसके आधार पर चुनाव आयोग ने 31 दिसंबर 2025 तक मतदाता सूची की घोषणा की। उन्होंने आगे कहा कि अभी सुनने में आया है कि 1 से 6 तारीख तक एक छोटी विंडो खोली गई थी, जिसमें कुछ संशोधन किए जा रहे थे। हम इस मुद्दे को उठाना चाहेंगे कि अगर चुनाव आयोग एक प्रक्रिया के तहत लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह मतदाता सूची तैयार करता है, तो MLC चुनाव में यह जिम्मेदारी चुनाव आयोग क्यों नहीं लेता है? जब आप विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची बना रहे हैं, तो आपके अधिकारी एक कॉलम और बढ़ाकर यह बता सकते हैं कि कौन स्नातक हैं और कौन शिक्षक है? उसके आधार पर चुनाव आयोग खुद MLC चुनाव की मतदाता सूची तैयार कर सकता है, जो उम्मीदवारों को उपलब्ध कराई जाए और जिसके आधार पर वे अपना प्रचार-प्रसार कर सकें। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे किसी भी प्रत्याशी ने बिहार चुनाव आयोग के अधिकारी और चीफ इलेक्शन ऑफिसर के सामने रखा था। वहां से जवाब मिला कि यह नीति केंद्र से बनकर आती है। हमारा आज केंद्रीय चुनाव आयोग से अनुरोध है कि जहां कहीं भी MLC के चुनाव होते हैं, वहां अपने-अपने राज्य के चुनाव आयोग की इकाई को निर्देश दें कि उनके यहां मतदाता सूची चुनाव आयोग खुद तैयार करे और समय रहते उसे प्रकाशित करे, ताकि लोग समय रहते चुनाव की तैयारियां कर सकें, जैसा कि विधानसभा चुनाव के समय किया जाता है।


वन नेशन, वन इलेक्शन रोल होना चाहिए : कुमार सौरभ

वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने कहा कि चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र ऐसे हैं, जहां विधान परिषद के सदस्यों का चुनाव होना है। इसकी अधिसूचना भी कुछ दिनों में आने वाली है। जन सुराज कुछ ही दिनों में अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करने वाला है। इस बीच हमारे पास कई जगहों से ऐसी जानकारी सामने आई है, जिसमें बड़े स्तर पर MLC मतदाता सूची में गड़बड़ी की बात सामने आई है। हम यह आरोप बिल्कुल नहीं लगा रहे हैं कि गड़बड़ी की गई है, लेकिन इसकी जांच करने की जिम्मेदारी बिहार के चीफ इलेक्शन ऑफिसर की है। भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत एक व्यक्ति एक ही बार वोट दे सकता है। लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि चाहे पंचायत का चुनाव हो, नगर परिषद का चुनाव हो, नगर निगम का चुनाव हो या विधानसभा, लोकसभा का चुनाव हर एक के लिए अलग-अलग मतदाता सूची बनाई जाती है। यह मांग उठनी चाहिए कि जैसे एक व्यक्ति को एक वोट का अधिकार है, ठीक उसी तरह ‘वन नेशन, वन इलेक्शन रोल’ की बात होनी चाहिए। ऐसा क्यों होता है कि पंचायत चुनाव के लिए अलग मतदाता सूची बनती है? जब नगर परिषद या नगर निगम का चुनाव होता है, तो उसके लिए अलग सूची बनाई जाती है। ठीक इसी तरह विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए भी अलग-अलग मतदाता सूचियां होती हैं। चारों चुनावों के इलेक्शन रोल में मतदाताओं की संख्या अलग-अलग होती है। मतदाता सूची की शुचिता लोकतंत्र का पहला आधार है। अगर आप मतदाता सूची में ही गड़बड़ी रखेंगे, तो कहीं न कहीं लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पूरी कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न उठता है।


प्रशांत किशोर के विचारधारा से प्रभावित होकर पार्टी में हुई शामिल : डॉ. दिव्या ज्योति

वहीं, डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि आज मैं अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में जन सुराज पार्टी में शामिल हुई हूं। अब आगे भी जैसा पार्टी का निर्देश होगा और जैसा हमारे नेता प्रशांत किशोर का मार्गदर्शन एवं निर्देश होगा, हम लोग उसी के अनुसार काम करेंगे। उन्होंने कहा कि जन सुराज पार्टी और प्रशांत किशोर सामाजिक समरसता - सामाजिक एकता के लिए आवाज उठाते रहे हैं। गांधी -अंबेडकर के सिद्धांतों पर चलते हुए उन्होंने सामाजिक न्याय के साथ शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार आवाज उठाई है। इन्हीं सब वजहों के कारण मैंने प्रशांत किशोर का नेतृत्व और मार्गदर्शन स्वीकार किया है। मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ, पद्मा ओझा और राकेश पटेल मौजूद रहे।

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