- स्वास्थ्य मंत्री निशांत की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक
फार्मास्युटिकल उद्योग और शोध संस्थानों को मिलेगा लाभ
एनालिटिकल डेवलपमेंट फैसिलिटी के माध्यम से नियमित दवा परीक्षण के साथ-साथ नई दवाओं एवं फॉर्मूलेशन के विकास, विश्लेषणात्मक पद्धतियों के विकास तथा गुणवत्ता नियंत्रण में भी सहयोग मिलेगा। इससे राज्य के फार्मास्युटिकल उद्योग, स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और अकादमिक संस्थानों को अत्याधुनिक परीक्षण एवं अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। NIPER हाजीपुर की विशेषज्ञता एवं तकनीकी मानव संसाधन का उपयोग करते हुए फार्मेसी विद्यार्थियों, उद्योग से जुड़े पेशेवरों एवं संबंधित तकनीकी कर्मियों के लिए प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाने की भी योजना है।
बिहार में दवा गुणवत्ता व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
प्रस्तावित सुविधा के माध्यम से राज्य में दवाओं की गुणवत्ता जांच एवं निगरानी के लिए मजबूत आधारभूत संरचना विकसित होगी। इससे गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, फार्मास्युटिकल उद्योग को तकनीकी सहयोग देने तथा अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने बैठक के दौरान प्रस्तावित सुविधा को बिहार में दवा गुणवत्ता नियंत्रण एवं फार्मास्युटिकल अनुसंधान को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परियोजना से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाने तथा प्रस्तावित सुविधा को प्रभावी एवं उपयोगी बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह पहल बिहार को फार्मास्युटिकल गुणवत्ता, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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