पटना : अत्याधुनिक ड्रग टेस्टिंग लैब एवं एनालिटिकल डेवलपमेंट फैसिलिटी की स्थापना की तैयारी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 1 सितंबर 2026

पटना : अत्याधुनिक ड्रग टेस्टिंग लैब एवं एनालिटिकल डेवलपमेंट फैसिलिटी की स्थापना की तैयारी

  • स्वास्थ्य मंत्री निशांत की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक

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पटना, 1 सितंबर (रजनीश के झा) । बिहार में फार्मास्युटिकल क्षेत्र को सुदृढ़ करने, दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में पटना में अत्याधुनिक ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरी एवं एनालिटिकल डेवलपमेंट फैसिलिटी (ADF) की स्थापना को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने की। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री कुमार रवि सहित स्वास्थ्य विभाग एवं NIPER हाजीपुर के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रस्तावित सुविधा की स्थापना, आवश्यक आधारभूत संरचना, तकनीकी क्षमता, बजट तथा संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में लैब डेवलपमेंट एवं लैब एक्रिडिटेशन, स्किल डेवलपमेंट, नर्सिंग एवं फार्मेसी के क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण, NIPER के विस्तार तथा शैक्षणिक एवं अनुसंधान कार्यों को और सुदृढ़ करने पर विस्तार से चर्चा की गई। इन क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाओं के विकास, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने तथा संस्थानों की कार्यक्षमता एवं गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया। बिहार में दवाओं की गुणवत्ता जांच, गुणवत्ता आश्वासन, नियामकीय सहयोग तथा फार्मास्युटिकल अनुसंधान एवं विकास की क्षमताओं को मजबूत किया जाएगा। 


फार्मास्युटिकल उद्योग और शोध संस्थानों को मिलेगा लाभ

एनालिटिकल डेवलपमेंट फैसिलिटी के माध्यम से नियमित दवा परीक्षण के साथ-साथ नई दवाओं एवं फॉर्मूलेशन के विकास, विश्लेषणात्मक पद्धतियों के विकास तथा गुणवत्ता नियंत्रण में भी सहयोग मिलेगा। इससे राज्य के फार्मास्युटिकल उद्योग, स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और अकादमिक संस्थानों को अत्याधुनिक परीक्षण एवं अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। NIPER हाजीपुर की विशेषज्ञता एवं तकनीकी मानव संसाधन का उपयोग करते हुए फार्मेसी विद्यार्थियों, उद्योग से जुड़े पेशेवरों एवं संबंधित तकनीकी कर्मियों के लिए प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाने की भी योजना है।


बिहार में दवा गुणवत्ता व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

प्रस्तावित सुविधा के माध्यम से राज्य में दवाओं की गुणवत्ता जांच एवं निगरानी के लिए मजबूत आधारभूत संरचना विकसित होगी। इससे गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, फार्मास्युटिकल उद्योग को तकनीकी सहयोग देने तथा अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने बैठक के दौरान प्रस्तावित सुविधा को बिहार में दवा गुणवत्ता नियंत्रण एवं फार्मास्युटिकल अनुसंधान को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परियोजना से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाने तथा प्रस्तावित सुविधा को प्रभावी एवं उपयोगी बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह पहल बिहार को फार्मास्युटिकल गुणवत्ता, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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