हर किसी को इसका एहसास है,
कोई हमें देखे तो शायद यही कहे,
काश! ऐसे दोस्त मेरे भी होते,
सबसे प्यारी होती है स्कूल वाली दोस्ती,
जहाँ हँसी में छिपी होती है हर छोटी खुशी,
कुछ खट्टे, कुछ मीठे पल साथ बिताए,
यादों के कितने रंग हमने मिलकर सजाए,
वो गाँव की वादियाँ आज भी बुलाती हैं,
वो खट्टे-मीठे पल फिर से याद आती हैं,
सपनों से भी प्यारे हैं वे बीते हुए पल,
जिनमें आज भी खो जाता है मेरा मन।।
तनिषा मिश्रा
कक्षा – 12वीं
गाँव – सलानी, उत्तराखंड
गांव की आवाज

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