सीहोर : कुबेरेश्वरधाम पर हजारों श्रद्धालुओं ने किए भव्य फूलेरे के दर्शन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 14 सितंबर 2026

सीहोर : कुबेरेश्वरधाम पर हजारों श्रद्धालुओं ने किए भव्य फूलेरे के दर्शन

  • काशी से पधारे संतों ने किया भगवान शिव का अभिषेक, पंडित विनय मिश्रा ने संतों का किया स्वागत-सम्मान

Kubereshwar-dham-sehore
सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर और कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में इन दिनों गणेश उत्सव और हरतालिका तीज का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सोमवार को हरतालिका तीज के पावन अवसर पर कुबेरेश्वरधाम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। धाम परिसर में दो क्विंटल से अधिक फूलों से आकर्षक फूलेरा सजाया गया, जिसके दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी रहा। महिला श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की। इस अवसर पर काशी से पधारे संत देवगिरी एवं पंडित अर्जुन शास्त्री का विठलेश सेवा समिति की ओर से विशेष स्वागत एवं सम्मान किया गया। समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला एवं कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा सहित अन्य संतों एवं पदाधिकारियों ने काशी से आए संतों का पुष्पमाला एवं अंगवस्त्र से सम्मान किया।


एक लोटा जल अर्पित कर किया भगवान शिव का अभिषेक

हरतालिका तीज के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालु कुबेरेश्वरधाम पहुंचने लगे थे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को श्रद्धा के साथ एक लोटा जल अर्पित कर अभिषेक किया। इसके बाद मंदिर में विराजमान भगवान शिव-माता पार्वती, भगवान राम-माता सीता और भगवान श्रीकृष्ण-राधा के दर्शन किए। फूलेरा के दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहा। दो क्विंटल से अधिक फूलों से तैयार किए गए फूलेरे को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने यहां भजन-कीर्तन की प्रस्तुतियां दीं। पूरे परिसर में भगवान शिव के जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।


पंडित प्रदीप मिश्रा ने सनातन धर्म को किया मजबूत-संत देवगिरी

विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि सोमवार को काशी से पधारे संत देवगिरी एवं पंडित अर्जुन शास्त्री ने कुबेरेश्वरधाम के विभिन्न स्थानों का भ्रमण किया। संतों ने कथा स्थल, भोजनशाला सहित अन्य स्थानों पर पहुंचकर वहां मौजूद श्रद्धालुओं से चर्चा की और धाम की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान संत देवगिरी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने विश्व स्तर पर सनातन धर्म को मजबूत करने का कार्य किया है। उन्होंने जन-जन को मंदिर और भगवान की भक्ति से जोड़ने का प्रयास किया है। उनकी शिव महापुराण कथाओं से प्रेरणा लेकर बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक भगवान शिव की भक्ति में आस्था के साथ लीन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। जो मंदिर कभी सुनसान दिखाई देते थे, वहां अब फिर से चहल-पहल देखने को मिल रही है। यह सनातन संस्कृति और धार्मिक आस्था के प्रति बढ़ते जुड़ाव का प्रमाण है। संत देवगिरी ने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाने की क्षमता उसकी सनातन संस्कृति में निहित है। सनातन धर्म ने पूरे विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश दिया है। हमारी संस्कृति सभी को साथ लेकर चलने और मानवता की सेवा का मार्ग दिखाती है। उन्होंने कहा कि पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान शिव की भक्ति को बेहद सरल तरीके से जन-जन तक पहुंचाया है। उन्होंने सामान्य व्यक्ति को भी भगवान की आराधना से जोड़ने के सहज उपाय बताए हैं। यही कारण है कि आज बड़ी संख्या में लोग भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए धार्मिक आयोजनों में सहभागिता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिव भक्ति का प्रभाव देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में देखने को मिल रहा है।


गाजे-बाजे के साथ विराजमान हुए भगवान गणेश

सोमवार को कुबेरेश्वरधाम पर गणेश उत्सव भी उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर धाम परिसर में स्थित मुरली मनोहर मंदिर में भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा को गाजे-बाजे और भक्तिमय वातावरण के बीच विराजमान कराया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और विघ्नों के निवारण की कामना की। भगवान गणेश की स्थापना के बाद उन्हें 1100 लड्डुओं का भोग लगाया गया। पूजा-अर्चना एवं आरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसादी का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।


संतों का किया स्वागत-सम्मान

काशी से आए संतों के कुबेरेश्वरधाम पहुंचने पर विठलेश सेवा समिति की ओर से उनका आत्मीय स्वागत किया गया। पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला एवं पंडित राघव मिश्रा सहित अन्य श्रद्धालुओं ने संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। संतों ने धाम पर चल रही धार्मिक गतिविधियों और श्रद्धालुओं की सेवा के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

कोई टिप्पणी नहीं: