मुंबई (अनिल बेदाग): मड आइलैंड की सुचक कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। शुभम विला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सदस्यों मेहुल मेहता, प्रमोद तुलस्यान और रेश्मा पटेल ने प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए और दस्तावेज पेश किए। सदस्यों ने आरोप लगाया कि सोसाइटी में वित्तीय पारदर्शिता की कमी है और पानी के कनेक्शन समेत विभिन्न मदों में कथित तौर पर अनुचित शुल्क वसूले जा रहे हैं। शुभम विला के मालिक प्रमोद तुलस्यान ने दावा किया कि सोसाइटी की सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं करने के बावजूद उनसे ‘फैसिलिटेशन चार्ज’ मांगा जा रहा है। उन्होंने अपने कमर्शियल दस्तावेजों का हवाला देते हुए कार्रवाई को कथित भेदभाव बताया। सबसे बड़ा सवाल करीब चार लाख रुपये प्रति प्लॉट की कथित मांग को लेकर उठाया गया, जिससे कुल रकम लगभग दो करोड़ रुपये बताई गई। साथ ही करोड़ों की जमीन पर कथित कब्जे, रिकॉर्ड निजी निवास पर रखने और समिति में डिफॉल्टर सदस्यों की मौजूदगी जैसे आरोप भी सामने आए। सदस्यों ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच और वित्तीय-प्रशासनिक रिकॉर्ड के ऑडिट की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक सोसाइटी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली थी।
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026
मुंबई : मड आइलैंड की सुचक सोसाइटी में कथित अनियमितताओं का ‘धमाका’
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