- यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव में कालीन निर्यात संवर्धन परिषद ने रखा प्रस्ताव, कारीगरों को सस्ती बिजली, कौशल प्रशिक्षण और वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर
दूसरे दिन ‘शिल्प से वैश्विक बाजार तक’ विषयक पैनल चर्चा में भी महबूब ने हस्तनिर्मित कालीन बनाने वाले कारीगरों को निर्धारित दर पर पावरलूम के तहत बिजली उपलब्ध कराने तथा नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए स्किल डेवलपमेंट और डिजाइन ट्रेनिंग की जरूरत बताई। उन्होंने कारीगरों को रोजगार, प्रशिक्षण और बीमा जैसी सुविधाओं से जोड़ने पर भी बल दिया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई चर्चा में ई-कॉमर्स, जीआई आधारित ब्रांडिंग, गुणवत्ता प्रमाणन, आधुनिक डिजाइन, बेहतर पैकेजिंग और कॉमन फैसिलिटी सेंटर के जरिए प्रदेश के हस्तशिल्प को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर मंथन हुआ। परिषद ने कहा कि समर्पित कालीन नीति से ‘कारीगर से वैश्विक बाजार’ तक पूरी मूल्य श्रृंखला मजबूत होगी और यूपी की कालीन विरासत को दुनिया में नई पहचान मिलेगी।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें