निवेशक कम से कम 8 शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे और इसके बाद 8 के मल्टीपल में शेयर ले सकेंगे। यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल यानि ओएफएस है, जिसमें मौजूदा शेयरहोल्डर्स कुल 12,64,36,650 शेयर बेचेंगे। इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड और अन्य शेयरहोल्डर्स शामिल हैं। इश्यू में रिटेल निवेशकों के लिए कम से कम 35% हिस्सा रखा गया है। क्यूआईबी के लिए अधिकतम 50% और एनआईआई के लिए कम से कम 15% हिस्सा तय है। एनएसई ने 1994 में काम शुरू किया था और यह भारत में इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग शुरू करने वाला पहला एक्सचेंज था। आज यहां ट्रेडिंग के साथ क्लियरिंग, सेटलमेंट, इंडेक्स और मार्केट डेटा जैसी सुविधाएँ भी मिलती हैं। 2025 में ट्रेडिंग वॉल्यूम के आधार पर एनएसई दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव्स एक्सचेंज रहा। 30 जून 2026 तक एनएसई से 13.23 करोड़ यूनिक इनवेस्टर्स जुड़े थे और 3,005 कंपनियाँ लिस्टेड थीं। जून 2026 तिमाही में एनएसई का रेवेन्यू 4,560 करोड़ रुपए और नेट प्रॉफिट 3,121 करोड़ रुपए रहा। इसके शेयर बीएसई पर लिस्ट कराने का प्रस्ताव है। एनएसई का आईपीओ निवेशकों को देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज के कारोबार में निवेश का मौका देगा। अब 17 सितंबर से शुरू होने वाले इस इश्यू पर निवेशकों की नजर रहेगी।
मुंबई, 14 सितंबर (संवाददाता) : शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए किसी बड़ी और जानी-पहचानी कंपनी में निवेश का मौका हमेशा खास होता है। अब नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानि एनएसई का आईपीओ निवेशकों के लिए ऐसा ही एक मौका लेकर आया है। एनएसई ने अपने आईपीओ के लिए 1,700 रुपए से 1,785 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह आईपीओ 17 सितंबर से 21 सितंबर, 2026 तक खुला रहेगा, जबकि एंकर इन्वेस्टर्स के लिए बोली 16 सितंबर को लगेगी।

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