मधुबनी : महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून नहीं, संस्थागत जिम्मेदारी भी : अंजनी कुमार झा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 8 सितंबर 2026

मधुबनी : महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून नहीं, संस्थागत जिम्मेदारी भी : अंजनी कुमार झा

  • कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा से समझौता नहीं, अवांछित व्यवहार पर भी कानून की नजर
  • बसैठा विद्यालय में POSH अधिनियम पर जागरूकता कार्यशाला, शिकायत प्रक्रिया की दी गई जानकारी

Women-and-child-awareness
मधुबनी, 08 सितंबर (रजनीश के झा) । कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं गरिमापूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ विमेन (DHEW), मिशन शक्ति, मधुबनी एवं महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार के तत्वावधान में सीता मुरलीधर +2 उच्च विद्यालय, बसैठा में POSH अधिनियम-2013 पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक अंजनी कुमार झा ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा एवं सम्मान की रक्षा करना प्रत्येक संस्थान की जिम्मेदारी है। कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न को केवल शारीरिक हरकत तक सीमित नहीं समझना चाहिए, बल्कि अवांछित व्यवहार के अन्य स्वरूपों को भी गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है।


उन्होंने बताया कि अनुचित स्पर्श, अवांछित शारीरिक निकटता, यौन प्रकृति की टिप्पणियां या संकेत, अशोभनीय संदेश अथवा चित्र भेजना, यौन संबंध या यौन लाभ की मांग करना तथा ऐसा कोई भी अवांछित मौखिक, गैर-मौखिक या लिखित आचरण, जिससे महिला असहज, अपमानित, भयभीत अथवा असुरक्षित महसूस करे, कानून के दायरे में आ सकता है। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर उत्पीड़न की रोकथाम के लिए कानून की जानकारी के साथ-साथ संस्थागत संवेदनशीलता एवं जवाबदेही भी आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों एवं कर्मियों से अपील की कि वे अपने संस्थान में सम्मानजनक व्यवहार एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यशाला में लैंगिक विशेषज्ञ शिवराम मेहरा ने POSH अधिनियम के अंतर्गत शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, शिकायतों के निवारण की व्यवस्था, संस्था एवं नियोक्ता की जिम्मेदारियों तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को अनुचित व्यवहार की स्थिति में निर्धारित कानूनी एवं संस्थागत प्रक्रिया के माध्यम से समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक काशफूददूजा एवं कृष्ण कुमार झा, रामचन्द्र राम, अभिलाषा राजभर, विश्वनाथ प्रसाद, सुरेश कुमार भगत, सत्यवीर सिंह, सत्येन्द्र कुमार, रामबाबू कुमार, जितेंद्र पासवान, संतोष मण्डल, शिल्पी कुमारी, सबाना परवीन, सुषमा कुमारी, राजकुमारी एवं संगम कुमारी पांडेय सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। इस दौरान प्रतिभागियों ने अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों एवं उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका जिला मिशन समन्वयक अंजनी कुमार झा एवं लैंगिक विशेषज्ञ शिवराम मेहरा द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया।

कोई टिप्पणी नहीं: