इसके अलावा ताप्लेजुंग, संखुवासभा, सोलुखुम्बु, खोटांग, ओखलढुंगा, रामेछाप, दोलखा, सिंधुपालचोक, काभ्रेपलांचोक, ललितपुर, भक्तपुर, काठमांडू और धादिंग समेत पूर्वी और मध्य नेपाल के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा है। इन इलाकों में अचानक बाढ़ आने का मध्यम स्तर का जोखिम भी जताया गया है। प्राधिकरण के मुताबिक, पश्चिमी नेपाल में गोरखा, लमजुंग, डोल्पा, रुकुम पूर्व, रुकुम पश्चिम, जाजरकोट, दार्चुला, बैतड़ी, डडेलधुरा, डोटी, कैलाली और कंचनपुर जिले के लिए भी अलर्ट जारी किया गया है। एनडीआरआरएमए ने मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए नदी किनारे और अन्य संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरी एहतियाती उपाय करने की अपील की है। अधिकारियों ने बताया कि कोशी, नारायणी, बागमती, कर्णाली, महाकाली और उनकी सहायक नदियों के अलावा कंकाई, कमला, बबई, पूर्वी राप्ती और पश्चिमी राप्ती नदियों के जलस्तर पर भी करीबी नजर रखी जा रही है। नेपाल सरकार ने खोज और बचाव अभियानों के लिए 21,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है। वहीं, फंसे हुए लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर लगातार उड़ान भर रहे हैं। वाहनों के आवागमन योग्य 19 पुल और कई राजमार्ग तथा प्रमुख सड़कें बाढ़ में बह गई हैं। इनमें से एक नेपाल का चीन के साथ मुख्य जमीनी व्यापार मार्ग था। इसके अलावा, दोनों देशों को जोड़ने वाला रसुवागढ़ी सीमा पार मार्ग भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है।
मध्य नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद यातायात का दबाव बढ़ गया है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने काठमांडू को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले पृथ्वी और त्रिभुवन राजमार्गों पर एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू कर दी है। नयी यातायात व्यवस्था के तहत अधिकतम 14 सीटों की क्षमता वाले, काठमांडू से हेटौडा जाने वाले वाहनों को फारपिंग-फाखेल-कुलेखानी-भीमफेदी मार्ग का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, हेटौडा से काठमांडू जाने वाले वाहनों को भीमफेदी-कुलेखानी-सिस्नेरी-दक्षिणकाली मार्ग से जाने के लिए कहा गया है। हेटौडा से काठमांडू जाने वाले 10 पहियों तक के बड़े मालवाहक और यात्री वाहनों को त्रिभुवन राजमार्ग का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है, जबकि हेटौडा लौटने वाले ऐसे वाहनों को कांती राजमार्ग से जाने का निर्देश दिया गया है। यह एकतरफा यातायात व्यवस्था धादिंग जिले के कृष्णभीर में बाढ़ के कारण राजमार्ग के कुछ हिस्सों के बह जाने के बाद लागू की गई है। इससे इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था बाधित हो गई थी।

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