वाराणसी : आसमान से आफत, गंगा में उफान; तबाही का खतरा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 3 सितंबर 2026

वाराणसी : आसमान से आफत, गंगा में उफान; तबाही का खतरा

  • चेतावनी बिंदु पार कर 70.42 मीटर पहुंचा जलस्तर, हर घंटे एक सेंटीमीटर बढ़ रहा पानी

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वाराणसी (सुरेश गांधी)। आसमान से बरसते पानी और पहाड़ों से आ रहे पानी के बीच गंगा एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगी है। बुधवार को दिनभर हुई धुआंधार बारिश के बाद शाम आठ बजे राजघाट स्थित केंद्रीय जल आयोग के गेज पर गंगा का जलस्तर 70.42 मीटर दर्ज किया गया। पानी एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। पिछले 12 घंटे में जलस्तर में 14 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गंगा का जलस्तर केंद्रीय जल आयोग के चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर को पार कर चुका है और अब खतरे के निशान 71.262 मीटर से महज 84 सेंटीमीटर नीचे है। लगातार हो रही बारिश ने नदी के तेवर और तल्ख कर दिए हैं। बुधवार को वाराणसी में 31.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से घाटों और तटवर्ती इलाकों में फिर चिंता बढ़ने लगी है। प्रशासन और केंद्रीय जल आयोग की निगरानी बढ़ गई है। गंगा के बढ़ते वेग के बीच निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की नजर अब जलस्तर पर टिकी है। फिलहाल पानी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन जिस गति से जलस्तर बढ़ रहा है, उससे आने वाले घंटों में स्थिति पर करीबी नजर रखना जरूरी हो गया है।


खतरे के निशान की ओर बढ़ती गंगा

राजघाट गेज पर गंगा का वर्तमान जलस्तर 70.42 मीटर है। चेतावनी स्तर 70.262 मीटर और खतरे का स्तर 71.262 मीटर निर्धारित है। गंगा का उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) 73.901 मीटर है। बुधवार रात जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी रहा।

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