दिल्ली : देश की शिक्षा व्यवस्था खड़े कर रही है गंभीर सवाल : राहुल गांधी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 5 सितंबर 2026

दिल्ली : देश की शिक्षा व्यवस्था खड़े कर रही है गंभीर सवाल : राहुल गांधी

rahul-gandhi-question-on-education
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि वर्तमान समय में देश की शिक्षा व्यवस्था कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है और अब ऐसी व्यवस्था बनाने की जरूरत है, जहां हर छात्र को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और एक उज्ज्वल भविष्य मिले। शिक्षक दिवस के अवसर पर गांधी ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर नमन किया। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर सभी गुरुजनों को हार्दिक शुभकामनाएं। अपने ज्ञान, सेवा और समर्पण से आप छात्रों का भविष्य संवारते हैं और देश की आने वाली पीढ़ियों को दिशा देते हैं, आपका योगदान अमूल्य है।’’ गांधी ने कहा, ‘‘भारत की शिक्षा व्यवस्था हमारे सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।’’ कांग्रेस नेता ने इस बात पर जोर दिया, ‘‘हमें मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी है, जहां हर छात्र को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और एक उज्ज्वल भविष्य मिले।’'

कोई टिप्पणी नहीं: