सीहोर : प्राचीन श्रीनृसिंह लक्ष्मी मंदिर में आज होगी नवमी की महाआरती, कन्या भोज का आयोजन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 18 अक्टूबर 2026

सीहोर : प्राचीन श्रीनृसिंह लक्ष्मी मंदिर में आज होगी नवमी की महाआरती, कन्या भोज का आयोजन

  • नवरात्रि पर भक्तिमय माहौल, प्रयागराज के कलाकारों ने किया रामलीला का मंचन, सीता स्वयंवर और परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने मोहा मन

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सीहोर। शहर के कोलीपुरा स्थित प्राचीन श्रीनृसिंह लक्ष्मी मंदिर परिसर में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी नवरात्रि का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। मंदिर परिसर में माता की भव्य प्रतिमा विराजित की गई है। नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना की जा रही है। संत माधव दास महाराज के सान्निध्य में महाष्टमी पर विशेष आरती की गई। वहीं, सोमवार को नवमी के अवसर पर हवन, महाआरती और कन्या भोज का आयोजन किया जाएगा। नवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत मंदिर परिसर में प्रयागराज से आए कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया जा रहा है। रामलीला में सीता स्वयंवर और परशुराम-लक्ष्मण संवाद की लीला का प्रभावशाली मंचन किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। महंत बृजेश ने बताया कि रामलीला के प्रसंग में महर्षि विश्वामित्र के साथ भगवान श्रीराम और लक्ष्मण जनकपुर पहुंचे। राजा जनक ने माता सीता के विवाह के लिए स्वयंवर का आयोजन किया था। उन्होंने प्रण लिया था कि जो वीर भगवान शिव के धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी के साथ सीता का विवाह होगा। स्वयंवर में उपस्थित अनेक राजा धनुष को हिला तक नहीं सके। रावण के वहां पहुंचने पर आकाशवाणी हुई, जिसके बाद वह लौट गया।


स्वयंवर में किसी भी राजा के धनुष न उठा पाने पर राजा जनक निराश हो गए और उन्होंने कहा कि यदि उन्हें ज्ञात होता कि पृथ्वी पर कोई वीर नहीं है, तो वे ऐसा प्रण नहीं करते। इस पर लक्ष्मण क्रोधित हो उठे। महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम आगे आए और उन्होंने सहजता से शिव धनुष उठाकर उस पर प्रत्यंचा चढ़ाई। इसी दौरान धनुष टूट गया और उसकी गूंज से पूरा सभागार गुंजायमान हो उठा। धनुष टूटने की आवाज सुनकर भगवान परशुराम सभा में पहुंचे। वहां परशुराम और लक्ष्मण के बीच तीखा संवाद हुआ। इसके बाद भगवान श्रीराम ने विनम्रतापूर्वक परशुराम से क्षमा मांगी। भगवान श्रीराम के दिव्य स्वरूप को पहचानकर परशुराम शांत हुए और वहां से प्रस्थान कर गए। रामलीला के कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से श्रद्धालुओं के सामने प्रसंग को जीवंत कर दिया। मंदिर परिसर में नवरात्रि के चलते भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। नवमी पर होने वाले हवन, महाआरती और कन्या भोज को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है।

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