- स्वच्छता की शपथ, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
- बच्चों में पर्यावरण संरक्षण की चेतना जगाना भविष्य के लिए मजबूत आधार : डीपीओ आनंद अंकित

मधुबनी, 31 अक्टूबर, (रजनीश के झा) । जिला गंगा समिति नमामि गंगे, मधुबनी के तत्वावधान में संचालित विशेष अभियान 6.0 के तहत आज +2 वॉटसन उच्च विद्यालय, मधुबनी में स्वच्छता, जल एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर भाषण प्रतियोगिता सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें +2 शिवगंगा बालिका उच्च विद्यालय, मधुबनी, वॉटसन मध्य विद्यालय, मधुबनी एवं +2 वॉटसन उच्च विद्यालय, मधुबनी के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के तहत आयोजित भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने स्वच्छता, जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा के महत्व पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में +2 वॉटसन उच्च विद्यालय के कृष कुमार ने प्रथम, सरस्वती विद्या मंदिर रामपट्टी +2 उच्च माध्यमिक विद्यालय की स्नेहा वत्स ने द्वितीय, +2 वॉटसन उच्च विद्यालय के अभिनव कुमार ने तृतीय तथा वॉटसन मध्य विद्यालय, मधुबनी के शौर्य कृष्णा ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। वहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत गायन विधा में सरस्वती विद्या मंदिर (+2 उच्च माध्यमिक विद्यालय), रामपट्टी की स्नेहा वत्स तथा +2 शिवगंगा बालिका उच्च विद्यालय, मधुबनी की साक्षी कुमारी, संध्या कुमारी एवं अंशुप्रिया की टीम ने मनमोहक प्रस्तुति दी। नृत्य विधा में वॉटसन मध्य विद्यालय, मधुबनी की नव्या कुमारी, मानवी झा एवं राधिका कुमारी ने अपनी आकर्षक प्रस्तुति से उपस्थित लोगों की सराहना प्राप्त की। इसी क्रम में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को स्वच्छता, जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक एवं प्रतिबद्ध रहने की शपथ भी दिलाई गई। विद्यार्थियों ने अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, जलस्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका शिक्षक पवन कुमार, कुमारी पुष्पम, अवनीश कुमार एवं मधु कुमारी ने निभाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार ने की। इस अवसर पर डीपीओ नमामि गंगे आनंद अंकित ने कहा कि स्वच्छता, जल संरक्षण एवं पर्यावरण की सुरक्षा केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। बच्चों और युवाओं में इन विषयों के प्रति जागरूकता पैदा करना भविष्य के लिए एक मजबूत आधार तैयार करना है। ऐसे रचनात्मक आयोजनों से विद्यार्थियों की प्रतिभा निखरने के साथ-साथ उनमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी एवं सामाजिक चेतना का भी विकास होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने परिवार एवं समाज में स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समन्वय एवं संचालन शिक्षक मनीष कुमार कर्ण ने किया।कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के साथ-साथ स्वच्छता, जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया।
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