पूर्णिया : जी. डी. गोयनका पब्लिक स्कूल में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत बच्चों को किया गया जागरूक - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

पूर्णिया : जी. डी. गोयनका पब्लिक स्कूल में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत बच्चों को किया गया जागरूक

  • लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत अच्छे एवं बुरे स्पर्श की दी गई जानकारी, बच्चों को निडर होकर अपनी बात रखने की मिली सीख

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पूर्णिया, 30 अक्टूबर (संवाददाता) : जी. डी. गोयनका पब्लिक स्कूल, पूर्णिया में शुक्रवार को ‘सुरक्षित बचपन – बोलो, बताओ, बचाओ’ अभियान के तहत बच्चों की व्यक्तिगत सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रातः 9:00 बजे से 10:00 बजे तक आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय अच्छे एवं बुरे स्पर्श की पहचान तथा स्वयं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता था। कार्यक्रम में आमंत्रित विशेषज्ञ वक्ता श्री रवि कुमार एवं श्री एम. डी. अफताब राजा ने विद्यार्थियों को सरल एवं प्रभावशाली तरीके से अच्छे और बुरे स्पर्श के बीच अंतर समझाया। उन्होंने बच्चों को अपने शरीर की सुरक्षा, व्यक्तिगत सीमाओं, निजता एवं आत्मसम्मान के महत्व से अवगत कराया। साथ ही बताया कि किसी भी असहज या अनुचित परिस्थिति में चुप रहने के बजाय निडर होकर अपनी बात कहनी चाहिए तथा तुरंत अपने अभिभावकों या शिक्षकों को इसकी जानकारी देनी चाहिए।


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इस अवसर पर विद्यालय की निदेशक-प्रधानाचार्या सुश्री पुलोमा नंदी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा एवं उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शरीर एवं व्यक्तिगत सीमाओं का सम्मान करने तथा किसी भी असहज परिस्थिति में बिना डर के अपने अभिभावकों और शिक्षकों से बात करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपप्रधानाचार्य श्री राज कुमार दास, प्रशासक श्री प्रीतम दास, पूर्व-प्राथमिक समन्वयक श्रीमती इंद्राणी मुखर्जी एवं प्राथमिक समन्वयक श्री विवेक गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के समापन पर उपप्रधानाचार्य श्री राज कुमार दास ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए आमंत्रित विशेषज्ञ वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक एवं आत्मविश्वासी बनाना भी अत्यंत आवश्यक है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को ‘बोलो, बताओ, बचाओ’ का संदेश देते हुए यह समझाया गया कि जागरूकता, संवाद और आत्मविश्वास ही सुरक्षित बचपन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। विद्यालय प्रबंधन ने बच्चों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील एवं भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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