दिल्ली : विपक्षी मार्च से पहले राजधानी में कड़े सुरक्षा इंतजाम - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

दिल्ली : विपक्षी मार्च से पहले राजधानी में कड़े सुरक्षा इंतजाम

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नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सी ई सी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन को तेज करने के लिए उच्चतम न्यायालय तक विपक्षी दलों के प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले सोमवार को लगातार तीसरे दिन पूरी दिल्ली ‘हाई अलर्ट’ पर रही और राजधानी भर में पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के 30,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया। सप्ताहांत में कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं सहित हजारों लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। विपक्षी दलों ने 11 अक्टूबर को घोषणा की थी कि वे "वोट चोरी" को खत्म करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को उच्चतम न्यायालय तक मार्च करेंगे। 


विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के छह मेट्रो स्टेशन शाम 4 बजे तक बंद रहेंगे। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि लोगों को अनधिकृत रूप से एकत्र होने से रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने सीमाओं पर वाहनों की जांच तेज कर दी है और होटलों, गेस्ट हाउस, लॉज व धर्मशालाओं में सत्यापन अभियान बढ़ा दिया है। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को संभालने में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सी ए पी एफ) की 120 से अधिक कंपनियां दिल्ली पुलिस की सहायता कर रही हैं।  इसके अलावा नयी दिल्ली जिले को 20 ज़ोन में विभाजित किया गया है, जहां संयुक्त आयुक्त, उपायुक्त और अतिरिक्त उपायुक्त जमीन पर घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं। विभिन्न इकाइयों का नेतृत्व कर रहे विशेष आयुक्त भी स्थिति पर पैनी नजर रख रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को जुटाने के प्रयासों पर नजर के लिए सोशल मीडिया मंचों की भी निगरानी की जा रही है। कुमार के खिलाफ यह प्रदर्शन 'द इंडियन एक्सप्रेस' अखबर की उस खबर के कुछ दिनों बाद हुआ, जिसमें आयोग के भीतर आंतरिक मतभेदों का दावा किया गया था। खबर के अनुसार निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सहित कुछ मुद्दों पर पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज कराई थी।

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