प्राथमिकी के अनुसार, हादसे में इमारत की दूसरी मंजिल पर स्थित नर्सरी की कक्षा और भूतल के कमरों की छतें ढह गईं। इसमें आरोप लगाया गया है कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था और इमारत की दीवारों तथा छतों की खराब होती स्थिति को लेकर विद्यार्थियों की पहले की शिकायतों को स्कूल प्रशासन ने नजरअंदाज किया था। पुलिस ने बताया कि स्कूल के मालिक को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि मामले में नामजद अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्य सचिव ने हादसे की जांच करने और सात दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए दो सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति इमारत की संरचनात्मक मजबूती, निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच करेगी। इसके अलावा, वह संभावित लापरवाही की पड़ताल कर जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की सिफारिश करेगी। प्रांतीय सरकार पूरे राज्य में सरकारी और निजी स्कूलों की इमारतों की सुरक्षा का आकलन करने के लिए एक व्यवस्था भी विकसित करेगी। सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 10 लाख पाकिस्तानी रुपये (करीब 3.42 लाख रुपये) और घायल प्रत्येक विद्यार्थी को दो लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।

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