इस तरह, दो वित्तीय वर्षों में इन दोनों पार्टियों को इस कंपनी द्वारा दी गयी कुल चंदा राशि 370 करोड़ रुपये हो गई। अन्नाद्रमुक की चंदा रिपोर्ट से पता चलता है कि 'टाइगर एसोसिएट्स' ने वित्त वर्ष 2025-26 में छह बार में उसे 135 करोड़ रुपये चंदा दिया। टाइगर एसोसिएट्स, एक साझा व्यावसायिक सहयोगी के माध्यम से लॉटरी कारोबारी सैंटियागो मार्टिन से जुड़ा है। अन्नाद्रमुक को मिले कुल 161.36 करोड़ रुपये के चंदे में इस कंपनी का हिस्सा लगभग 84 प्रतिशत रहा। द्रमुक के खुलासे के अनुसार 'टाइगर एसोसिएट्स' से उसे 14 बार में कुल 125 करोड़ रुपये चंदा मिला। यह पार्टी को मिले कुल 191.19 करोड़ रुपये के चंदे का 65 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। 'टाइगर एसोसिएट्स' के निर्धारित साझेदार सुब्बयन नागराजन, सैंटियागो मार्टिन के पुराने सहयोगी हैं। कॉर्पोरेट रिकॉर्ड से पता चलता है कि ये दोनों एक दूसरी कंपनी में भी साझेदार हैं। फरवरी 2024 में शीर्ष अदालत द्वारा चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द किए जाने से पहले, मार्टिन की कंपनी 'फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज' चुनावी बॉन्ड की सबसे बड़ी खरीदार बनकर उभरी थी।
नई दिल्ली। कोलकाता की एक लॉटरी कंपनी ने 2025-26 में तमिलनाडु की दो प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी पार्टियों - द्रमुक और अन्नाद्रमुक को 260 करोड़ रुपये का चंदा दिया जो पिछले वित्त वर्ष में उन्हें दिये गये चंदे के दोगुने से भी अधिक है। निर्वाचन आयोग को सौंपी गयी एक रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है। दोनों दलों ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 352.55 करोड़ रुपया चंदा मिलने की बात कही थी जिसका लगभग 74 प्रतिशत हिस्सा इसी लॉटरी कंपनी से आया था। इससे पता चलता है कि इन दोनों दलों की राजनीतिक फंडिंग किस हद तक एक ही दानदाता के हाथों में केंद्रित थी। लॉटरी कंपनी ‘टाइगर एसोसिएट्स’ ने 2024-25 में दोनों पार्टियों को 110 करोड़ रुपये चंदे में दिए थे। उसने 2025-26 में अन्नाद्रमुक को 135 करोड़ रुपये और द्रमुक को 125 करोड़ रुपये दिए।

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