- 28 नवंबर को आयोजित होगा ‘जीवनदाता परिवार सम्मान 2026’
- अंगदान करने वाले परिवारों, अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने वाले लोगों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सेवाभावी लोगों को किया जाएगा सम्मानित
2030 का भारत के संस्थापक डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "हमारे समाज में किसी अपने को खोने का दर्द बहुत गहरा होता है। लेकिन ऐसे परिवार, जो अपने प्रियजन के जाने के बाद भी किसी दूसरे की जिंदगी बचाने का फैसला लेते हैं, वे वास्तव में मानवता की सबसे बड़ी मिसाल पेश करते हैं। हमारा उद्देश्य केवल इन परिवारों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि उनके फैसले के पीछे छिपी संवेदना और साहस को पूरे समाज तक पहुंचाना है। हम चाहते हैं कि अंगदान पर हर घर में बातचीत हो, लोग इसके महत्व को समझें और जरूरत पड़ने पर सही जानकारी के साथ निर्णय ले सकें। किसी के जाने के बाद भी उसका जीवन किसी दूसरे के लिए उम्मीद बन सकता है, इससे बड़ी मानव सेवा शायद ही कोई हो।" संस्था का मानना है कि अंगदान केवल एक चिकित्सकीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि परिवार, समाज और मानवता से जुड़ा विषय है। आज भी कई लोगों के मन में अंगदान को लेकर जानकारी की कमी और तरह-तरह की भ्रांतियां हैं। ऐसे में जरूरी है कि इस विषय पर खुलकर बात हो, लोगों को सही जानकारी मिले और अंगदान को लेकर एक सकारात्मक सामाजिक माहौल तैयार किया जाए। जीवनदाता परिवार सम्मान 2026 के माध्यम से 2030 का भारत एक ऐसा मंच तैयार करना चाहता है, जहां अंगदान से जुड़े परिवारों की कहानियां सामने आएं, समाज को प्रेरणा मिले और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों के योगदान को भी उचित पहचान मिले। यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि जीवन बचाने की सोच को जन-जन तक पहुंचाने की एक सामाजिक पहल है।

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