- महिलाओं, व्रतियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा, सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता; डीएम ने सड़कों की जांच एवं मरम्मत के लिए तय की जवाबदेही
इस कार्य को योजनाबद्ध, प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी द्वारा जिले में कुल 69 जांच टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में संबंधित विभाग के सहायक अभियंता/कनीय अभियंता के साथ-साथ प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। सभी टीमों को उनके क्षेत्राधीन निर्धारित सड़कों की सूची उपलब्ध कराते हुए स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे स्थल निरीक्षण कर सड़कों की वर्तमान स्थिति, क्षतिग्रस्त हिस्सों, गड्ढों, पुल-पुलियों की स्थिति तथा आवश्यक मरम्मत कार्यों का विस्तृत आकलन करें और अद्यतन प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं। जांच प्रतिवेदन के आधार पर पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अधीन आने वाली सड़कों तथा पुल-पुलियों की आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी। जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जांच प्रतिवेदन प्राप्त होते ही मरम्मत कार्य अविलंब प्रारंभ करें ताकि आम लोग शीघ्र लाभान्वित हो सके। इस संबंध में जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंताओं को कहा है कि सड़कों एवं पुलों की मरम्मत में किसी प्रकार की शिथिलता अथवा अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। साथ ही कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया है।
जिला पदाधिकारी की इस पहल का सीधा लाभ जिले के आम नागरिकों को मिलेगा। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों से छठ घाटों तक जाने वाली महिलाओं, व्रतियों, बुजुर्गों एवं बच्चों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। सड़कों के गड्ढों एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत से दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी तथा दैनिक आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, विद्यार्थियों के विद्यालय आने-जाने और अन्य आवश्यक गतिविधियों को भी सहूलियत मिलेगी। जिलाधिकारी की इस पहल में केवल पर्व के अवसर पर अस्थायी सुविधा उपलब्ध कराने का उद्देश्य नहीं है, बल्कि जिले की आधारभूत संरचनाओं को बेहतर बनाकर आम लोगों के जीवन को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित एवं सुगम बनाना प्रमुख लक्ष्य है। 69 टीमों के माध्यम से जमीनी स्तर पर जांच, विभागवार जिम्मेदारी का निर्धारण तथा समयबद्ध मरम्मत की व्यवस्था इस दिशा में प्रशासन की सक्रियता, संवेदनशीलता एवं जनहित के प्रति प्रतिबद्धता है।

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