बहरहाल, पीठ ने याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया। रविवार को गाजियाबाद की एक विशेष अदालत ने खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। खान के वकील ने बताया था कि जौहर ट्रस्ट से जुड़े धनशोधन के मामले में सपा के वरिष्ठ नेता को गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किया गया था। इससे पहले, खान को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत लाया गया था। इस दौरान अपने नेता की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में उनके समर्थक अदालत परिसर के बाहर खड़े थे। खान पिछले कुछ वर्षों से अपने खिलाफ दर्ज कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। ईडी ने 31 अक्टूबर को धनशोधन के इस मामले में खान को गिरफ्तार किया था। इससे कुछ ही समय पहले दो पैन कार्ड रखने के कथित मामले में जमानत मिलने के बाद उन्हें और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को रामपुर जेल से रिहा किया गया था। ईडी ने अगस्त में मामले में छापेमारी की थी और खान से पूछताछ भी की थी। खान के खिलाफ कई अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आजम खान ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा धनशोधन के एक नए मामले में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए सोमवार को उच्चतम न्यायालय का रुख किया। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने खान के वकील निजाम पाशा की दलीलों पर संज्ञान लिया और कहा कि याचिका इस सप्ताह सूचीबद्ध की जा सकती है।

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