फिल्म के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने एक इंटरव्यू में बताया कि 'रामायण' को शुरू में ग्लोबल ऑडियंस के लिए एक इंडियन फिल्म के तौर पर देखा गया था। लेकिन प्रोडक्शन के दौरान इसका स्कोप बदल गया। उन्होंने कहा कि मेकर्स ने अब फिल्म के दो मास्टर वर्जन बनाए हैं, जिसमें इंग्लिश वर्जन में एक अलग एडिट और एक रीराइटेड स्क्रिप्ट है ताकि इसे इंटरनेशनल ऑडियंस के लिए एक अलग प्रेजेंटेशन बनाया जा सके। नमित मल्होत्रा ने पार्ट-2 को 2027 की बजाए 2028 तक बढ़ाने के पीछे की वजह भी समझाई। उन्होंने कहा, "तो आइडिया यह था कि अब जब दुनिया में इतना एक्साइटमेंट है, तो हम थोड़ा और समय लेना चाहते हैं। ताकि जब हम ग्रैंड फिनाले पेश करें, तो हमारे पास पार्ट 1 में जो किया था, उसे वैसा ही डिलीवर करने के लिए थोड़ा और वक्त हो। मुझे सच में लगता है कि इस साइज की फिल्म के साथ न्याय करने के लिए हमें उस एक्स्ट्रा साल की जरूरत है। जब आप पार्ट 2 को आते हुए देखेंगे, तो वह पूरी तरह से एक अलग कहानी होगी। हम जल्दबाजी में काम नहीं करना चाहते थे।"
नमित मल्होत्रा ने फिल्म का क्लाइमैक्स पार्ट (फिनाले) बहुत ग्रैंड अंदाज में पेश करने की प्लानिंग की है। उन्होंने कहा कि हम फिनाले को सबसे ग्रैंड तरीके से पेश करना चाहते हैं जिसका वह हकदार है। नमित ने हिंट दिया कि रामायण शायद एक ट्रायॉलजी बन सकती है। उन्होंने बताया कि फिल्म को शुरू में एक 3 पार्ट में बनाने का ही प्लान किया गया था। लेकिन बाद में मेकर्स ने कहानी को 2 पार्ट्स में बनाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि टीम ऑडियंस के रिएक्शन और फीडबैक के आधार पर अपने प्लान पर फिर से सोच सकती है।

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