अच्छे स्वभाव वाला व्यक्ति, जिसमें सेवा की भावना, चरित्र की नम्रता और
आज्ञाकारिता का पुट हो, वह लाखों को प्रभावित कर सकता है। आप चाहे
मानसिक विचारभूमि की बात कहिए या स्थूल जगत् की, सभी जगह
एक उभयनिष्ठ नियम है कि समान स्वभाव और गुणशील पदार्थ एक-दूसरे
से प्रभावित हो जाते हैं। मजबूत व्यक्तित्व वाले इन्सान को आत्म-प्रदर्शन की
आवश्यकता नहीं रहती, बल्कि भंवरे जिस प्रकार फूल की और अपने-आप
दोड़े जाते हैं, समाज भी वैसे ही उसकी ओर आकर्षित होकर चला आता है।
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