यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। जलस्तर बढ़ने से उस्मानपुर, यमुना बाजार, भजनपुरा और शास्त्री पार्क में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने प्रभावित लोगों की हर संभव मदद के लिए ऎहतियाती उपाय करने का आश्वासन दिया है। निचले इलाकों से अब तक 916 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ एंव सिंचाई मंत्री राजकुमार चौहान ने संवाददाताओं को बताया, " दोपहर 12 बजे तक यमुना नदी का जलस्तर 205.23 मीटर तक पहुंच गया था। चिंता करने जैसी कोई बात नहीं है। सभी ऎहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।" यमुना नदी का जलस्तर शुक्रवार देर रात को ही खतरे के निशान 204.8 मीटर को पार कर गया था। हरियाणा के हथिनिकुंड बैराज से 34,600 क्यूसेक पानी छो़डे जाने के बाद यमुना का जलस्तर खतरे को निशान को पार कर गया। मूसलाधार बारिश की वजह जलभराव के क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की वजह से हरियाणा ने पानी छो़डा था। इसकी वजह से रविवार को यमुना का जलस्तर और बढ़ गया था।
दिल्ली बाढ़ नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया, "यमुना नदी में और अधिक पानी छो़डा गया है जो सोमवार शाम को दिल्ली पहुंचेगा। तब यमुना का जलस्तर और बढ़ सकता है।" लोगों की मदद के लिए राज्य सरकार की तरफ से 10 अस्थाई शिविर बनाए गए हैं। उस्मानपुर, गढ़ीमांडू , बदरपुर खादर, आईएसबीटी पुल, शकरपुर, अक्षरधाम मंदिर, पुराना यमुना सेतु, गीता कालोनी और ओखला में ये अस्थाई शिविर बनाए गए हैं। अधिकारी ने बताया, "यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से तैयार है। लगभग 150 तकनीकी कर्मचारी यमुना के जलस्तर में हो रही वृद्धि पर लगातार नजर रख रहे हैं।" बाढ़ की स्थिति की निगरानी के लिए 24 घंटे चलने वाला नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। इसके अलावा 63 नावों का प्रबंध किया गया है और आपदा प्रबंधन दल की एक टीम को यमुना नदी के किनारों के निकट तैनात किया गया है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें