बिहार के करीब एक तिहाई भाजपा विधायक आगामी चुनाव केलिए हो सकते हैं टिकट से वंचित !! - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 9 सितंबर 2010

बिहार के करीब एक तिहाई भाजपा विधायक आगामी चुनाव केलिए हो सकते हैं टिकट से वंचित !!

बिहार भाजपा के एक तिहाई विधायकों का दोबारा चुनावी मैदान में उतरने का सपना टूट सकता है। पार्टी ने विधानसभा चुनावों में सत्ता-विरोधी रुझान का असर कम करने के लिए कम से कम तीस फीसदी विधायकों को दोबारा टिकट न देने का मन बनाया है। इस आधार पर बिहार में भाजपा के करीब 15 या 16 विधायक अपनी उम्मीदवारी गंवा सकते हैं। अगले हफ्ते से शुरू होने वाली औपचारिक चर्चाओं में इस विचार पर मुहर लगने की संभावना है। 

बिहार भाजपा अध्यक्ष सीपी ठाकुर ने इशारा किया कि उनकी नमन यात्रा और कार्यकर्ता सम्मेलनों से यह साफ है कि भाजपा के खिलाफ गंभीर प्रतिक्रिया नहीं है मगर कई जगह लोग स्थानीय विधायक से नाराज हैं। ठाकुर की बातों से साफ है कि भाजपा एमएलए के खिलाफ गुस्से को पार्टी के नुकसान का सबब नहीं बनाना चाहती। 

उधर, दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में अगले हफ्ते से बिहार की रणनीति पर चर्चाओं का दौर शुरू हो जाएगा। आगामी सोमवार को चुनाव प्रचार, खासतौर पर साझा प्रचार को लेकर चुनाव सेल की बैठक प्रस्तावित है। एनडीए पहले ही तय कर चुका है कि गठबंधन का प्रचार पंद्रह साल बनाम पांच साल के नारे पर केंद्रित होगा। 

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि उनके विधानसभा का चुनाव लड़ने की कोई संभावना नहीं है बल्कि वे पूरे प्रदेश में एनडीए उम्मीदवारों के प्रचार पर ध्यान देंगे। नीतीश ने मीडिया से चर्चा में कहा, ‘मुझे विधानसभा चुनाव लड़ने की क्या जरूरत है, मैं विधानपरिषद सदस्य हूं और अभी कार्यकाल के दो-तीन साल बाकी हैं।’

उन्होंने कांग्रेस के अकेले चुनाव लड़ने के संबंध में कहा कि क्या गारंटी है कि चुनाव के बाद वह राजद से गठबंधन नहीं करेगी। नीतीश ने कहा कि कांग्रेस और लालू के बीच राष्ट्रीय स्तर पर सहमति नहीं होती तो चार सदस्यों वाली राजद के प्रमुख लालू प्रसाद लोकसभा में अगली पंक्ति में कैसे बैठते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। जदयू नेता ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित अन्य कांग्रेसी नेताओं के इन दावों को गुमराह करने वाला बताया कि केंद्र ने बिहार को वित्तीय सहायता बढ़ा दी है।

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