लालू का नितीश पर पलटवार, रच डाला कविता. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 24 सितंबर 2010

लालू का नितीश पर पलटवार, रच डाला कविता.

'नीतीश कुमार मुझ पर कविता पढ़ रहे हैं जबकि मैं हास्य व व्यंग्य कवियों के विश्वविद्यालय का वाइस चांसलर हूं। कविता का जवाब कविता से दिया जाएगा।' दुर्गा प्रसाद कुशवाहा के समर्थकों समेत राजद में शामिल होने के मौके पर लालू ने ये कविता रच डाला.



ये शासन है महाराज सुशासन का।।

खेल हो रहा कुशासन का।

भय, भूख, भ्रष्टाचार मिटाएंगे।।

एसी डीसी फर्जी बिल बनवाएंगे।

आसन पर बैठकर सुशासन बाबू कहलाएंगे।

बाढ़ सुखाड़ से जनता को रूलाएंगे।।

ठहाका लगा-लगा कर सुशासन बाबू कहलाएंगे।

अब समय आया है सुशासन बाबू जाएंगे।।

हटने पर बाल नोच-नोचकर खाएंगे।

तब बार -बार हम याद कराएंगे।।

नक्सलियों के आतंक से ये घर में छुप जाएंगे।

आरएसएस की गोद में बैठकर सेकुलर कहलाएंगे।


कविता को पढ़ते हुए लालू ने कहा कि यह प्रथम अध्याय है।



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