
भारत की सर्वकालिक महान क्रिकेट टीम में चार खिलाड़ी मौजूदा दौर के हैं, जबकि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को भी आश्चर्यजनक तरीके से एंट्री मिल गई है. सचिन, सहवाग, कपिल और गावस्कर जैसे सारे बड़े नाम हैं पर कुछ सवाल भी साथ हैं.
हैरानी की बात रही कि 1980 के दशक के महान विकेटकीपर बल्लेबाज सैयद किरमानी और बाद में किरण मोरे जैसे विकेटकीपर को दरकिनार कर धोनी को टीम में शामिल किया गया. उन्हें 11 में से सात वोट मिले.
गावस्कर और सचिन के अलावा वीनू मांकड और कपिल देव के नाम पर भी आम राय बन गई. सबसे ज्यादा विवाद पांचवें नंबर की बल्लेबाजी पर रहा, जिस पर आखिरकार विजय हजारे ने जगह बनाई. इस नंबर पर गुंडप्पा विश्वनाथ, वीवीएस लक्ष्मण, नवाब पटौदी, दिलीप वेंगसरकर और मोहिंदर अमरनाथ के नाम पर भी चर्चा हुई.
स्पिन गेंदबाजों में अनिल कुंबले और इरापल्ली प्रसन्ना को तो जगह मिल गई लेकिन बिशन सिंह बेदी और चंद्रशेखर के नाम गायब रहे. जिन नामों पर वोटिंग हुई, उनमें जहीर खान, दिलीप वेंगसरकर, सौरव गांगुली, सीके नायडू और पॉली उमरीगर शामिल थे.
सहवाग को 11 में से 10 वोट मिले, जबकि द्रविड़ को नौ. जिन लोगों को शामिल नहीं किया गया, उनमें भारत के पूर्व कप्तान और मैच फिक्सिंग के आरोपी मोहम्मद अजहरुद्दीन, वीवीएस लक्ष्मण, बिशन सिंह बेदी और फारुक इंजीनियर अहम हैं.
ईएसपीएन ने जूरी के साथ साथ अपने पाठकों से भी राय मांगी.10 खिलाड़ी दोनों ही टीमों में थे. लेकिन पाठकों ने हजारे की जगह पांचवें नंबर पर लक्ष्मण को रखा, जिन्होंने 2001 में कोलकाता टेस्ट में 281 रन की अभूतपूर्व पारी खेल कर भारत को जीत दिलाई.
जूरी के सदस्यों में पूर्व टेस्ट खिलाड़ी संजय मंजरेकर, अरुण लाल, मुंबई के खिलाड़ी वासु परांजपे, खेल पत्रकार प्रदीप मैगजीन, अयाज मेमन, आर मोहन, सुरेश मेनन, क्रिकेट के इतिहासकार रामचंद्र गुहा और कमेंटेटर हर्षा भोगले शामिल रहे.
टीम इस प्रकार हैः
वीरेंद्र सहवाग, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, विजय हजारे, वीनू मांकड, कपिल देव, महेंद्र सिंह धोनी, अनिल कुंबले, जवागल श्रीनाथ, इरापल्ली प्रसन्ना.
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