दास ने कहा कि 45 विधायकों की सूची में झामुमो विधायक पौलुस सुरीन का नाम नहीं है, क्योंकि वह न्यायिक हिरासत में है। मुंडा की उपस्थिति में दास ने विधायकों की सूची राज्यपाल को सौंपी। भाजपा में अभी महासचिव मुंडा ने रघुवर दास से विधायक दल के नेता का पद हासिल किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने दास को यह पद छोड़ने का निर्देश दिया था।
राज्यपाल को जो सूची सौंपी गयी है, उसमें भाजपा और झामुमो के विधायकों के अलावा जदयू के दो, आजसू के पांच और दो निर्दलीय चमरा लिंडा तथा बिदेश सिंह के नाम शामिल हैं। विधानसभा में भाजपा और झामुमो के 18-18 सदस्य हैं। झामुमो प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि झामुमो ने भाजपा की पहल को बिना शर्त समर्थन देने का फैसला किया है।
मुंडा और दास के अलावा राजभवन में आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो और क्षामुमो नेता हेमंत सोरेन भी उपस्थित थे। आजसू के उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि पार्टी के पांच सदस्यों ने भाजपा की पहल को बिना शर्त समर्थन करने का निर्णय किया है।
बहरहाल दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की एक बैठक हुई जिसमें करीब एक घंटे तक झारखंड के राजनीतिक हालात पर चर्चा की गयी। माना जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने राज्य के घटनाक्रम और संप्रग के समक्ष उपलब्ध विकल्पों के बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अवगत करा दिया है।
इस बैठक में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी, रक्षा मंत्री एके एंटनी और कानून मंत्री एम वीरप्पा मोइली उपस्थित थे।
राज्य में कांग्रेस के 14 विधायक हैं, वहीं बाबूलाल मरांडी नीत झारखंड विकास मोर्चा के सदस्यों की संख्या 11 है।
अप्रैल में लोकसभा में बजट सत्र के दौरान भाजपा द्वारा लाये गये कटौती प्रस्ताव का विरोध शिबू सोरेन ने किया था और इसके बाद राज्य में गठबंधन सरकार का पतन हो गया था। एक मनोनीत सदस्य और 81 निर्वाचित सदस्यों को मिलाकर झारखंड विधानसभा में कुल सदस्यों की संख्या 82 है। आंग्ल भारतीय समुदाय से मनोनीत सदस्य जोसफ पी गाल्सटीन थे और जून में उनकी मृत्यु हो गयी थी।

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