राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के सबसे छोटे साले सुभाष यादव ने सोमवार को आखिरकार पार्टी से इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के अनुसार लालू का दामन छोड़ने के बाद सुभाष यादव अब कांग्रेस में शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि सुभाष बिहार में इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का कामकाज देख रहे मुकुल वासनिक से संपर्क में हैं। इसके साथ ही दिल्ली में कई शीर्ष कांग्रेसी नेताओं से भी सुभाष्ा ने संपर्क साध रखा है। हालांकि, सुभाष यादव के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।गौरतलब है कि इस साल राज्यसभा के लिए नामांकित नहीं किए जाने के कारण सुभाष यादव अपनी बहन और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से नाराज थे। राजद में लालू और राबड़ी द्वारा उन्हें तवज्जो नहीं दिए जाने पर वो कई बार नाराजगी जता चुके हैं। इससे पहले पिछले साल राबड़ी देवी के एक और भाई साधु यादव ने भी लोकसभा चुनाव से पहले राजद से इस्तीफा देकर कांग्रेस का दामन थाम लिया था।
उधर राजद से इस्तीफा देने के बाद पूर्व सांसद सुभाष यादव ने लालू को भी राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी। सुभाष यादव ने आज संवाददाता सम्मेलन में राजद छोड़ने की घोषणा करते हुए कहा कि पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से उनके पारिवारिक संबंध अभी भी अच्छे है लेकिन राजनीतिक मतभेद के कारण वह पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजद अध्यक्ष अब करीब 70 वर्ष के हो गए हैं इसलिए उन्हें राजनीति से संन्यास लेकर किसी युवा को नेतृत्व सौंपना चाहिए। पूर्व सांसद ने बिहार की नीतीश सरकार के कार्यो की सराहना करते हुए कहा कि उसने अपने पांच वर्ष के शासन में न सिर्फ राज्य में विकास का कार्य किया बल्कि अपराध पर भी अंकुश लगा दिया। उन्होंने कहा कि वह अपने समर्थकों के साथ विचार विमर्श कर 25 सितंबर तक अपने राजनीतिक भविष्य का फैसला लेंगे।
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