बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में रविवार को 45 सीटों पर मतदान शुरु हो गया है। 623 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। 98,44,981 मतदाता इनके भाग्य का फैसला करेंगे। इसके लिए 10,312 बूथ बनाए गए हैं। शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए यहां व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बूथ लुटेरों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं।शिवहर में नक्सली हमले के बाद वहां मतदान का समय बदल दिया गया है। अब वहां सुबह सात बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक वोट डाले जाएंगे। मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर, पारू और साहेबगंज विधानसभा क्षेत्रों में भी सुरक्षा की दृष्टि से तीन बजे तक वोट डाले जाएंगे। डीजीपी नीलमणि ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि शिवहर विधानसभा क्षेत्र के 96 फीसदी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बल तैनात होंगे। अन्य जिलों में 80 फीसदी मतदान केंद्रों पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।
दूसरे चरण में छह जिलों की 45 विधानसभा सीटों पर रविवार को वोट डाले जा रहे है हैं। शुक्रवार की शाम शिवहर की नक्सली घटना के बाद सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। शिवहर के 96 फीसदी बूथों पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गयी है। सभी चुनाव वाले क्षेत्रों में नक्सली और अन्य गतिविधियों पर चार हेलीकॉप्टरों से निगरानी रखी जा रही है। इनमें से दो हेलीकॉप्टरों से पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी भ्रमण करेंगे।
हेलीकॉप्टरों को सुदूर इलाकों में सुरक्षा बलों और ईवीएम को लाने, ले जाने में लगाया गया है। सुरक्षा कारणों से शिवहर और बेलसंड विधानसभा क्षेत्रों के मतदान के समय में फेरबदल करते हुए सुबह सात बजे से शाम 3 बजे तक ही मतदान की समय सीमा तय की गयी है। कुल 98 लाख 44 हजार 981 मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल कर सकेंगे। इनमें पुरूष मतदाताओं की तादाद 52 लाख 80 हजार 234 है। जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 45 लाख 64 हजार 747 है।
623 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। इनमें महिला की संख्या 46 है। जिन छह जिलों में वोट डाले जाने हैं उनमें पूर्वी चंपारण जिले के 5 विधानसभा क्षेत्र, शिवहर में 1 विधानसभा सीट, सीतामढ़ी में 8, दरभंगा में 10, मुजफ्फरपुर में 11 और समस्तीपुर में 10 विधानसभा सीटें शामिल हैं। चुनाव में जिन दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है, उनमें राजद के अब्दुल बारी सिद्दिकी, जदयू के विजय कुमार चौधरी, कांग्रेस विधायक दल नेता अशोक राम, कांग्रेस के टिकट पर लड़ रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि, लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान के भाई रामचंद्र पासवान सहित कई शामिल हैं।
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